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बाल साहित्य संगोष्ठी में पुस्तकों पर हुई सार्थक परिचर्चा

उदयपुर

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Newsdesk

Aug 12, 2026

Rajasthan

राजसमंद. अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी, राजसमंद के तत्वावधान में अणुव्रत विश्व भारती सभागार में बाल साहित्य संगोष्ठी एवं पुस्तक परिचर्चा आयोजित हुई। अध्यक्षता अणुविभा के उपाध्यक्ष डॉ. विमल कावडि़या ने की। मुख्य वक्ता चतुर कोठारी, विशिष्ट वक्ता माधव नागदा तथा संचालन अणुव्रत बालोदय प्रकल्प की राष्ट्रीय संयोजक डॉ. सीमा कावडि़या ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ वीणा वैष्णव की सरस्वती वंदना तथा डॉ. सीमा कावडि़या एवं प्रतिभा जैन के अणुव्रत गीत से हुआ। डॉ. विमल कावडि़या ने अणुविभा के प्रकल्पों की जानकारी देते हुए साहित्यकारों से अणुव्रत लेखक मंच एवं अणुव्रत बालोदय प्रकल्प से जुड़ने का आग्रह किया। नारायण सिंह राव ‘निराकार’ ने लेखक एवं बाल साहित्यकार प्रकाश तातेड़ का लेखकीय परिचय दिया। प्रकाश तातेड़ के बाल कहानी-संग्रह ‘रेनबो टापू की पिकनिक’ एवं पहेली-संग्रह ‘बूझ सहेली मेरी पहेली’ पर कुसुम अग्रवाल, परितोष पालीवाल, डॉ. उषा शर्मा, दिनेश श्रीमाली, सूर्यप्रकाश दीक्षित एवं प्रमोद सनाढ्य सहित साहित्यकारों ने विचार रखे। वक्ताओं ने बाल साहित्य को बच्चों की जिज्ञासा, कल्पनाशीलता, तार्किक क्षमता एवं संस्कार विकसित करने का माध्यम बताया। माधव नागदा ने कहा कि बाल साहित्यकार कभी बूढ़ा नहीं होता। साकेत साहित्य संस्थान के महासचिव कमल अग्रवाल ने आयोजन को सार्थक बताया। लेखक प्रकाश तातेड़ ने अपनी रचना-यात्रा साझा की तथा आभार जताया।