
उदयपुर . चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे प्रदेश में नवस्थापित राजकीय मेडिकल महाविद्यालयों के माध्यम से डॉक्टर तैयार करने वाली सरकारी कार्ययोजना सिरे चढऩे से पहले ही दम तोड़ती दिख रही है। करोड़ों रुपए की लागत से तैयार हुई इमारतों के संचालन को लेकर नई परेशानियां आ रही हैं। बजट सत्र में आमजन से किए गए वादे को पूरा करने में जुटी सरकार की ठेका प्रथा चिकित्सक शिक्षकों को रास नहीं आ रही है। यही वजह है कि प्रतीक्षा सूची जारी होने के बाद भी कॉलेज सोसायटी की ओर से चयनित शिक्षकों ने गुरुवार को उनकी उपस्थिति नहीं दी। भीलवाड़ा, डूंगरपुर, पाली, भरतपुर और चुरू जिले में हाल ही में खोले गए कॉलेज में चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से जारी की गई सूची के तहत चिकित्सक शिक्षकों ने अनुपस्थिति दर्शाकर सेवाएं देने से इनकार किया।
सोसायटी से किए भर्ती
हुआ यूं कि राजकीय मेडिकल कॉलेज में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर पूर्व चिकित्सा मंत्री ने लेटरल एंट्री का प्रस्ताव लिया था। इसके तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में सेवारत ऐसे चिकित्सक जिन्होंने डिग्री के तौर पर एमएस/ एमडी कर रखा था, उन्हें अस्थायी तौर पर तय वेतन में कुछ वर्षों के लिए अनुबंध पर मेडिकल कॉलेज में शिक्षण कार्य में सक्रिय होना था। मेडिकल कॉलेज में अध्यापन के लिए यह योग्यता निर्धारित भी है। चिकित्सा विभाग से चिकित्सा शिक्षा विभाग में एंट्री का राजस्थान मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने विरोध कर दिया। नतीजा यह हुआ कि सरकार को फैसला बदलते हुए प्रत्येक कॉलेज वार सोसाइटी बनानी पड़ी। इसके विभागीय सचिव को अध्यक्ष और कॉलेज प्राचार्य को सचिव की जिम्मेदारी देते हुए साक्षात्कार का आयोजन हुआ। चूंकि यह अनुबंध ठेका प्रथा से जुड़ा है, जिसमें चिकित्सक शिक्षक को अनुबंध के तहत केवल तनख्वाह ही मिलेगी। सरकारी नौकरी से जुड़े अन्य लाभ नहीं मिल पाएंगे। यह बात साक्षात्कार में शामिल चिकित्सकों के गले नहीं उतरी।
यह रही स्थिति
मेडिकल कॉलेज में एनाटॉमी, बायोकमेस्ट्री, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फोरेन्सिक मेडिसिन, जनरल मेडिसिन, पीडियाट्रिक, चर्म एवं रति, आर्थोपेडिक्स, ओब्स एंड गायनी, एनेस्थिसिया, फिजियोलॉजी, जनरल सर्जरी, ईएनटी एवं फार्माकोलॉजी के नाम से भीलवाड़ा कॉलेज की पहली सूची में 37, डूंगरपुर कॉलेज के 39, पाली में 24, भरतपुर में 35 और चुरू में 39 चिकित्सक शिक्षकों ने साक्षात्कार के बाद उपस्थिति दर्ज कराने में देरी की।
14 की ज्वाइनिंग
कुल 59 सीटों के लिए हुए चयन के बाद 14 चिकित्सक शिक्षकों ने नियुक्ति दी है। शेष पदों के लिए फिर से वॉक-इन-इन्टरव्यू लेकर पद भरे जाएंगे। यह प्रक्रिया उच्चाधिकारियों के निर्देष पर होगी।
शलभ शर्मा, प्राचार्य, डूंगरपुर राजकीय मेडिकल कॉलेज
Published on:
15 Dec 2017 05:40 pm
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