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# Padmavati फिल्म रिलीज हुई तो नेताओं को छोडऩी पडेग़ी कुर्सी

-मेवाड़ क्षत्रिय महासभा की बैठक

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Meeting of Mewar Kshatriya Mahasabha in udaipur

उदयपुर . रानी पद्मिनी राजपूत समाज की ही नहीं, पूरे देश की नारियों की अस्मिता की प्रतीक है। संजय लीला भंसाली फिल्म के माध्यम से उच्च आदर्श स्थापित करने वाले और त्याग-बलिदान के प्रतीक एेतिहासिक पात्रों के नाम के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। किसी भी हालत में उनकी फिल्म का प्रसारण नहीं होने दिया जाएगा। राजनेता इस विषय में गंभीरता से सोच लें कि फिल्म रिलीज हुई तो उन्हें कुर्सी छोडऩी पडेग़ी।

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यह बात बीएन संस्थान के पूर्व निदेशक तेजसिंह बांसी ने मंगलवार को पद्मावती फिल्म को लेकर मेवाड़ क्षत्रिय महासभा की बैठक में कही। बैठक में तय किया गया कि फिल्म का प्रसारण रोकने की मांग को लेकर महाराणा प्रताप राजतिलक सेवा समिति गोगुंदा की ओर से उदयपुर कलक्टे्रट पर बुधवार सुबह 11.30 बजे धरना- प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में फिल्म का प्रदर्शन रोकने के लिए रणनीति तैयार करने के संदर्भ में विचार-विमर्श किया गया। क्षत्रिय सभा के पदाधिकारियों ने फिल्म को लेकर आक्रोश जताते हुए चेतावनी दी कि यह अस्मिता से जुड़ा हुआ प्रश्न है, इस फिल्म को रिलीज किया गया तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

देवी स्वरूपा है रानी पद्मिनी
मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के संरक्षक मनोहरसिंह कृष्णावत ने कहा कि रानी पद्मिनी का त्याग और बालिदान आज भी देश और समाज को प्रेरणा प्रदान कर रहा है जिससे उन्हें देवी के रूप में पूजा जाता है। फिल्म के ट्रेलर में रानी पद्मिनी को नाचते हुए दिखाया जा रहे है जो निंदनीय है। किसी भी हालत में भंसाली की फिल्म को रिलीज नहीं होने दी जाएगी। यह अब मेवाड़ ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष अध्यक्ष बालूसिंह कानावत, डॉ. राजेंद्रसिंह जगत, तनवीर सिंह कृष्णावत, दिलीप सिंह बांसी, कुंदन सिंह ने फिल्म को लेकर आक्रोश प्रकट किया।

इतिहास से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं
महाराणा प्रताप राजतिलक सेवा समिति गोगुंदा के अध्यक्ष अभिमन्यु सिंह झाला ने कहा कि रानी पद्मिनी समस्त नारियों की अस्मिता की प्रतीक है। इतिहास के साथ छेड़छाड़ किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि फिल्म में इतिहास के साथ छेड़छाड़ की है तो इसे हटा लिया जाए। समिति की तरफ से इतिहास से खिलवाड़ के विरोध में कलक्टे्रट पर बुधवार सुबह 11.30 बजे धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

सकल राजपूत महासभा का प्रदर्शन
सकल राजपूत महासभा मेवाड़ ने सविना चौराहे पर फिल्म पद्मावती फिल्म का विरोध करते हुए निर्माता संजय लीला भंसाली का पुतला फूंका। महासभा की ओर से इस दौरान हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। संस्थापक तनवीर सिंह कहा कि इतिहास से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान देहात अध्यक्ष गोपालसिंह तितरडी, उप सरपंच राजेन्द्रसिंह सिसोदिया, प्रेम सिंह, मनोहरसिंह, सूर्यवीरसिंह, जगत सिंह, रूप सिंह, पवन सोहन सिंह, भेरूसिंह दांतीसर, जवान सिंह जावद, कृष्णकांत कुमावत आदि उपस्थित थे।

इतिहास से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
कांग्रेस कमेटी विशेष पिछड़ा वर्ग के प्रदेश महासचिव भंवरलाल गुर्जर ने विरोध जताते हुए कहा कि रानी पद्मिनी राजपूत समाज की ही नहीं पूर देश नारियों के सम्मान का प्रतीक है। हमें कला और कलाकारों से कोई विरोध नहीं है, काल्पनिक नाटक के आधार पर इतिहास के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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