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मॉनिटरिंग: निजी हॉस्पिटलों में ऑक्सीजन का सही इस्तेमाल हो रहा है या नहीं

- जिला कलक्टर ने बनाए नोडल अधिकारी- प्रतिदिन दो बार हॉस्पिटल जाने के निर्देश- तीन-तीन घंटे सुबह-शाम घूमकर स्थिति की समीक्षा हो

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जिला कलक्टर ने बनाए नोडल अधिकारी

भुवनेश पंडया
उदयपुर. जरूरतमंद मरीजों को समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध हो इसे लेकर सरकार ने सभी जिलों में कलक्टर के माध्यम से नोडल अधिकारी लगाए गए हैं। इन अधिकारियों को अब दफ्तर छोड़कर सुबह और शाम निजी हॉस्पिटलों में मरीजों के लिए पलंग व्यवस्थाएं तो करवानी ही होंगी, बल्कि ये भी देखना है कि कहीं ये निजी हॉस्पिटल आक्सीजन का दुरुपयोग तो नहीं कर रहे है। यहीं नहीं यदि मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है तो दो आईएएस की टीम को 12 घंटे पहले ऑक्सीजन व्यवस्था के लिए जयपुर नियंत्रण कक्ष में बताना होगा।
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ये है निर्देश
राज्य में कोरोना से बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी जिलों के कलक्टर्स द्वारा पलंग की उपलब्धता के लिए निजी चिकित्सलयों से समन्वय व कोरोना मरीजों के लिए पलंग की उपलब्धता के लिए आरएएस अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया है। इसमें सभी अधिकारियों को अग्रिम आदेशों तक आवंटित निजी चिकित्सालय का प्रतिदिन दो बार-सुबह व शाम तीन-तीन घंटे भ्रमण करने व ऑक्सीजन का विवेकपूर्ण व न्यायसंगत उपयोग करने के केन्द्र सरकार के आदेशों की पालना के निर्देश दिए हैं।

- चिकित्सा विभाग के शासन सचिव सिद्धार्थ महाजन ने निर्देशित किया है कि ऑक्सीजन के उपयोग को लेकर केन्द्र के निर्देश सभी निजी चिकित्सालयों को भी दिए जाए। साथ ही ऑक्सीजन के विवेकपूर्ण उपयोग की पालना भी करवानी है।
- इन चिकित्सालयों में ऑक्सीजन की मांग, उपयोग व आपूर्ति की समीक्षा व विश्लेषण कर चिकित्सालय द्वारा मेडिकल ऑक्सीजन की न्यायसंगत मांग से ऑक्सीजन की निर्बाध व सतत् आपूर्ति तय करने के लिए नियंत्रण कक्ष को न्यूनतम 12 घंटे पहले सूचना देनी होगी। आईएएस आशुतोष एटी पेणडेकर व रोहित गुप्ता को स्टेट कक्ष में ये सूचना दी जाएगी।