
गींगला . कुराबड़ थाना क्षेत्र की कोट ग्राम पंचायत के चरमर गांव में मामा नाबालिग भानजी का विवाह करवा रहा था, लेकिन सूचना पर कुराबड़ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बाल विवाह को रुकवाया। वहीं पुलिस ने नाबालिग की मां और मामा को गिरफ्तार कर कुराबड़ नायब तहसीलदार के समक्ष पेश किया। जहां नायब तहसीलदार ने बाल विवाह नहीं करने को लेकर पाबंद करते हुए जमानत मुचलके पर रिहा किया गया।
कुराबड़ नायब तहसीलदार मुबारिक हुसैन ने बताया कि तहसीलदार गिर्वा से प्राप्त शिकायत के आधार पर कुराबड़ क्षेत्र के चरमर निवासी मनोहरसिंह पुत्र देवीसिंह राजपूत अपनी बहन जावद निवासी पारूबाई पत्नी मावसिंह की लडक़ी कंकू कुंवर की शादी गांव में शुक्रवार को प्रस्तावित थी, लेकिन सूचना पर कुराबड़ थानाधिकारी मिठूसिंह मय राजस्व टीम चरमर पहुंचकर नाबालिग लडक़ी के दस्तावेज मांगे। जिस पर उपलब्ध नहीं कराए जाने पर पुलिस ने लडक़ी की मां व मामा को गिरफ्तार कर कुराबड़ नायब तहसीलदार मुबारिक हुसैन के समक्ष पेश किया गया। जहां दोनों को बाल विवाह नहीं करने और उम्र संबंधी दस्तावेज पेश करने के लिये पाबंद करते हुए 20-20 हजार के जमानत मुचलके पर रिहा किया गया। इस दौरान आरआई जगदीश रंगास्वामी, पटवारी रेखा आसावरा, कांस्टेबल दिनेश, दिनेश आदि ने मौका पर्चा बनाया। सूचना के बावजूद महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभाग ने ध्यान नहीं दिया। बाकी पहले ही विवाह हाेेेने से रोक दिया जाता।
पाबंद किया है...
सूचना पर टीम चरमर गांव पहुंची, जहां परिजनों ने लडक़ी के उम्र संबंधी कोई दस्तावेज नहीं बताए। इस पर उन्हें बाल विवाह के लिए पाबंद किया है। बारात सलूम्बर से आ रही थी, उधर भी फोन से सूचना कर दी है।
मुबारिक हुसैन, नायब तहसीलदार, कुराबड़
Published on:
11 May 2018 05:24 pm
बड़ी खबरें
View Allउदयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
