
भूपेंद्र सरवर/झल्लारा. एक लाचार मां, जो सरकार से मिल रही महज पांच सौ रुपए विधवा पेंशन से तीन विमंदित बेटों को पाल रही है। अब उसे भी सहारे की जरुरत आ पड़ी है। बीते दिनों से वह हृदय रोग से ग्रसित है। उपचार के लिए पैसे नहीं होने से मदद की दरकार है।
कहानी झल्लारा पंचायत समिति के करांकला ग्राम पंचायत की कनु बाई गर्ग की है। नियति के छलावे में कनु बाई के तीनों बेटे विमंदित हुए। तीनों बेटे 41 वर्षीय नन्दलाल, 36 वर्षीय महेंद्रपाल और 31 वर्षीय दिनेश का सहारा बूढ़ी मां कनुबाई ही है। वह सरकार से मिलने वाली विधवा पेंशन राशि से घर चला रही है। पिछले दिनों लाचार कनुबाई के सीने में दर्द उठा। संभाग के सबसे बड़े हॉस्पिटल एमबी राजकीय चिकित्सालय के कार्डियोलॉजी विभाग में चिकित्सकों ने बायपास सर्जरी की सलाह दी। यहां सुविधा नहीं होने से जयपुर उपचार कराने को कहा। रिश्तेदार उसे उदयपुर के निजी चिकित्सालय ले गए, जहां बदले में उपचार का खर्च 2 लाख रुपए मांगा। परिजन फिर से अन्य निजी चिकित्सालय ले गए। कनु बाई का नाम बीपीएल सूची में होने के साथ ही भामाशाह कार्डधारी है। फिर भी निशुल्क उपचार की सुविधा नहीं मिल पाई। आखिर रिश्तेदार कनुबाई को अहमदाबाद ले गए, जहां दो लाख रुपए तक का खर्च बताया। इधर-उधर से जुटाई राशि भी खत्म हो गई। रुपए के अभाव में उपचार नहीं हो पा रहा है। निराश कनुबाई मददगार की बाट देख रही है।
शिविर में ग्रामीणों ने बताई समस्याएं
भटेवर. बडग़ांव अटल सेवा केन्द्र पर मंगलवार को न्याय आपके द्वार शिविर लगा। जिसमें विधायक रणधीरसिंह भीण्डर, उपखण्ड अधिकारी अनिल शर्मा, भीण्डर तहसीलदार रतनलाल कुमावत, विकास अधिकारी धनसिंह राव ने शिविर में पत्थर गढ़ी, अपील, इजराय, नामान्तरण, खाता दुरुस्ती, खाता विभाजन, राजस्व नकलें, आवासीय पट्टे सहित 33 प्रकरणों का निस्तारण किया।
Published on:
16 May 2018 02:45 pm
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