
उदयपुर . महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की 51वीं अकादमिक परिषद की बैठक शनिवार को कुलपति प्रो. उमाशंकर शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में परिषद की अनुशंसाओं और क्रियान्वयन रिपोर्ट का अनुमोदन किया गया। प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ जीएस तिवारी ने प्रस्ताव रखा। बैठक में प्रवेश से जुड़े विभिन्न मदों में 10 प्रतिशत फीस बढ़ाने का निर्णय किया गया। संचालन कुलसचिव प्रियंका जोधावत ने किया।
यह हुए महत्वपूर्ण निर्णय
- पादप प्रजनन व अनुवांशिकी विभाग का नाम बदलकर पादप अनुवांशिकी व प्रजनन विभाग किया जाएगा। इसी के अनुरूप डिग्रियों के नामकरण को बदला जाएगा। - पौध व्याधि विभाग में अकादमिक सत्र 2018 -19 में स्नातकोत्तर स्तर पर 4 व पीएचडी स्तर पर 2 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। कीट विज्ञान विभाग में पीएचडी में 2 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में सभी संकायों में एमटेक में 8 एवं पीएचडी में 2 सीटों पर प्रवेश मिलेगा। - अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए 21 दिन का इंडक्शन प्रोग्राम होगा। चार सप्ताह का ग्रीष्म प्रशिक्षण कार्यक्रम व स्वच्छ भारत कार्यक्रम को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। - स्नातकोत्तर एवं पीएचडी शोधग्रथों में नकल रोकने के लिए ड्राफ्ट की जांच करने का निर्णय किया गया। - राजस्थान कृ षि महाविद्यालय के आणविक जीव विज्ञान व जैव प्रौद्योगिकी विभाग में विकसित सुविधाओं के उपयोग के लिए 10 विद्यार्थियों के तीन से छह माह के प्रशिक्षण की अनुमति दी गई।
गृह विज्ञान महाविद्यालय का बदलेगा नाम
बैठक में गृह विज्ञान महाविद्यालय का नाम बदलकर समुदाय एवं व्यावहारिक विज्ञान महाविद्यालय करने की अनुशंसा की गई। महाविद्यालय के समुदाय विज्ञान एवं पोषण विज्ञान पाठयक्रमों में स्नातक स्तर पर 40-40 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। प्रवेश के लिए 12वीं में किसी भी संकाय में पचास प्रतिशत अंक की अनिवार्यता रखी गई। महाविद्यालय में संचालित प्री स्कूल की फीस वाहन सुविधा सहित 28 हजार व बिना सुविधा के 22 हजार रुपए की गई।
Published on:
14 May 2018 07:01 pm
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