
पत्र की मंशानुसार माताएं अपने बच्चों को हर हाल में दुपहिया वाहन चलाते समय सावधानियां बरतने को पाबंद करे। उन्होंने बताया कि मदर्स डे पर इस खुले पत्र से शुरुआत की जा रही है। जल्द ही जनजागृति का विशेष अभियान चलाया जाएगा और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान माताओं द्वारा अपने बेटों को कसम दिलाई जाएगी कि वे नियमित हेलमेट का प्रयोग करें और बाइक पर कभी स्टंट नहीं करेंगे।
ये लिखा है पत्र
मदर्स डे पर सभी माताओं को मेरा प्रणाम। इस पुनीत अवसर पर मैं अपने मन की एक चिंता की ओर जिले की सभी माताओं का ध्यान आकृष्ट करना चाहूंगा। यह निर्विवादित है कि मां के लिए इस संसार में अपनी संतान से बढकऱ कोई प्रिय नहीं होता, क्योंकि वही उसे अपनी कोख में रक्त से सींचकर इस संसार में लाती है।
संतान की इच्छा से बढकऱ उसके लिए कुछ नहीं होता, लेकिन कई बार बच्चों की ख्वाहिशों के पीछे छुपे खतरों को जाने-अनजाने ही हम अनदेखा कर देते हैं। हाल ही में हुई कुछ घटनाओं से मेरा मन उद्वेलित हुआ और इस खतरे की ओर आपका ध्यान दिलाने के लिए यह पत्र आपको लिख रहा हूं। मेरे एक घनिष्ट मित्र का बाइक सवार भतीजा पिछले दिनों पुष्कर घाटी में अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उसे सिर्फ सिर में चोट आई थी, जिसकी वजह से अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
पिछले शुक्रवार को उसके अंतिम संस्कार में सम्मिलित होने गया तो भीतर तक कांप गया। 19 वर्षीय उस युवक की मां लगातार विलाप कर रही थी। हर आधे घण्टे में वह अचेत हो जाती और परिवारजन सकते में आ जाते।
उस करुण दृश्य को देख मैं सोचने पर विवश हो गया कि यदि उस युवक ने हेलमेट पहन रखा होता तो आज वह इस संसार में होता।
मेरा निवेदन है कि प्रत्येक माता अपने बेटे विशेषकर युवावस्था की ओर बढ़ रहे बेटे को बाइक दिलाने से पहले ही इस बात की कसम दिलाएं कि वह बिना हेलमेट कभी बाइक की सवारी नहीं करेगा।
Published on:
14 May 2018 05:47 pm
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