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जन्म से किशोरावस्था तक लगते हैं 10 तरह के टीके, क्या आपने अपने बच्चों को लगवाया या नहीं?

National Vaccination Day: आपके घर में बच्चे हैं तो आपको यह जानना जरुरी है कि जन्म से लेकर किशोरावस्था तक 10 तरह के टीके लगते हैं। ये टीके हमारे बच्चों को हेपेटाइटस-बी, पोलियो, बीसीजी, रोट वायरस, खसरा जैसी गंभीर बीमारियों से बचाकर रखते हैं।

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National Vaccination Day: आपके घर में बच्चे हैं तो आपको यह जानना जरुरी है कि जन्म से लेकर किशोरावस्था तक 10 तरह के टीके लगते हैं। ये टीके हमारे बच्चों को हेपेटाइटस-बी, पोलियो, बीसीजी, रोट वायरस, खसरा जैसी गंभीर बीमारियों से बचाकर रखते हैं। कोराना काल में तो ज्यादात्तर लोगों ने वैक्सीन लगवाई है। यह बात इसलिए की जा रही है, क्योंकि आज राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस है। यह दिन हमें जागरूक करता है कि हम समय पर टीकाकरण करवाएं।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य में हमारे आसपास मौजूद वायरस और बैक्टीरिया के कारण हमेशा बीमारियों का खतरा बना रहता है। ऐसे में वैक्सीनेशन हमें बीमारियों से बचाने में मदद करती है। लोगों को वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक करने के लिए हर वर्ष 16 मार्च को नेशनल वैक्सीनेशन डे मनाया जाता है। इसे इम्यूनाइजेशन डे भी कह सकते हैं। टीकाकरण के मामले में उदयपुर की स्थिति देखें तो प्रदेश में तीसरे पायदान पर है। कई नवगठित जिले भी टॉप-10 में जगह बनाए हुए है, जबकि राजधानी सहित कई बड़े जिले अंतिम दस की सूची में है।
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शुरुआत बच्चों से, लेकिन जरुरी सबके लिए
वैक्सीन कई खतरनाक और गंभीर बीमारियों को रोकने का एक प्रभावी माध्यम है। टीकाकरण बच्चों से लेकर बड़ों तक, सभी के लिए महत्वपूर्ण है। भले ही आज के दिन की शुरुआत बच्चों की वैक्सीन के साथ हुई हो, लेकिन हर उम्र के लोगों को इसका महत्व समझना जरूरी है। लोगों को इसका महत्व समझाने और जागरूक करने के लिए नेशनल वैक्सीनेशन डे मनाया जाता है।

इसलिए मनाया जाता है यह दिवस
हर साल 16 मार्च को नेशनल वैक्सीनेशन डे मनाया जाता है। वर्ष 1995 में 16 मार्च को देश में ओरल पोलियो वैक्सीन की पहली खुराक दी गई थी। इसी दिन देश को पोलियो मुक्त बनाने के लिए अभियान शुरू किया गया था। अभियान के तहत 0 से 5 साल की उम्र के सभी बच्चों को पोलियो के खिलाफ ’दो बूंद जिंदगी की’ दी गई थी। वर्ष 2014 में देश को पोलियो मुक्त देश घोषित किया गया था।
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आज के दिन के तीन महत्व
● संक्रामक रोगों से सुरक्षा
● सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार
● बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा

आंकड़ों में स्थिति
16.12 लाख के टीकाकरण का वार्षिक लक्ष्य प्रदेश में
13 लाख का टीकाकरण किया जा सका सालभर में
5000 टीकाकरण का अधिक लक्ष्य पिछले साल से
87.98 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सका

टॉप-10 जिले
जिला -- वार्षिक लक्ष्य -- रेंक
ब्यावर -- 23249 -- 1
सलूम्बर -- 13750 -- 2
उदयपुर -- 60170 -- 3
बांसवाड़ा -- 49342 -- 4
खेरतल तिजारा -- 24116 -- 5
पाली -- 34471 -- 6
भीलवाड़ा -- 37223 -- 7
जालोर -- 26559 -- 8
बीकानेर -- 56211 -- 9
राजसमंद -- 26485 -- 10

अंतिम 10 जिले
जिला वार्षिक -- लक्ष्य -- रेंक
हनुमानगढ़ -- 36153 -- 39
जयपुर (1) -- 72812 -- 40
भरतपुर -- 38202 -- 41
अनूपगढ़ -- 15508 -- 42
चूरू -- 49364 -- 43
सीकर -- 42920 -- 44
डीडवाना -- 37182 -- 45
गंगानगर -- 26325 -- 46
कोटपूतली -- 28776 -- 47
झुंझुनूं -- 34762 -- 48