
उदयपुर . ई-मित्र केन्द्र की लापरवाही के चलते शनिवार को अलसीगढ़ क्षेत्र से आए दस बच्चे जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा से वंचित हो गए। शहर से करीब 20 किमी दूर से ये बच्चे सुबह फतह स्कूल में परीक्षा देने आए थे। बच्चों को साथ लेकर आए शिक्षक देवीलाल ने बताया कि ये बच्चे राजकीय प्राथमिक विद्यालय थिरियाफला के विद्यार्थी हैं।
इन्होंने कुछ माह पूर्व इस परीक्षा के लिए अलसीगढ़ में ही ई-मित्र केन्द्र के माध्यम से आवेदन किया था, लेकिन तब सर्वर कनेक्ट नहीं होने के कारण आवेदन सबमिट नहीं हो पाए तो ई-मित्र केन्द्र संचालक ने कहा कि वह कल कर देगा, हम उसके भरोसे रह गए। ऐसे में बच्चों के प्रवेश-पत्र नहीं आए हैं। देवी लाल ने कहा कि सभी ने आवेदन के लिए ई-मित्र वाले को 50-50 रुपए भी दिए थे।
पार्षद वेणीराम सालवी ने इन बच्चों की मदद करने के लिए पहल की, लेकिन उनका प्रवेश पत्र ही नहीं था। सालवी ने बताया कि वह भी किसी को साथ लेकर परीक्षा दिलवाने ही गए थे, लेकिन वहां इन बच्चों को बाहर देखकर परेशानी सुनी, परन्तु हल नहीं निकल सका। बच्चों ने बताया कि उन्होंने परीक्षा की पूरी तैयारी की थी। यदि वे परीक्षा दे सकते तो उनमें से अधिकतर का चयन हो जाता।
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उदयपुर. शहर के एक थाने के थानाधिकारी के खिलाफ एक युवती ने पूछताछ के बहाने अश्लील हरकत करने का
गंभीर आरोप लगाते हुए परिवाद पेश किया। आईजी के आदेश पर एएसपी ने मामले में जांच की, उससे पहले ही युवती ने किसी तरह की कार्रवाई नहीं बाबत लिखकर वापस परिवाद उठा लिया। युवती का आरोप है कि वह पूर्व में दो लड़कियों के साथ रहती थी। दोनों युवती की मित्रता एक युवक से थी। दूधतलाई पर बुलाकर उन तीनों ने मारपीट की। इसकी रिपोर्ट 12 अप्रेल को संबंधित थाने में दी तो थानाधिकारी ने पूछताछ के बहाने उसके साथ अश्लील हरकत की। मामले को थानाधिकारी ने झूठा बताया।
युवती ने परिवाद दिया था। जांच से पहले उसने वापस लिखित में दिया कि किसी के बहकावे में आकर परिवाद दिया है। किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं चाहती हूं।
हर्ष रत्नू, एएसपी सिटी
Published on:
22 Apr 2018 03:02 pm
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