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Shardiya Navratri 2017 : उदयपुर और गुजरात में है डांडिया कनेक्शन, यहां गुजरात के इस शहर से आता है डांडिया

गोधरा से बहुतायत में लाए जाते हैं लकड़ी के डांडिया, उदयपुर में भी होने लगा निर्माण

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Navratri 2017

उदयपुर . गरबा रमने की बात आती है तो अनायास ही नाम आता है गुजरात का। देश-दुनिया में गरबा के लिए पहचान बनाने वाले गुजरात ने गरबा की परंपरा ही नहीं, बल्कि हमें गरबा रमने के लिए डांडिया भी दिए हैं। नवरात्र महोत्सव के चलते बड़ी मात्रा में डांडिया गुजरात के गोधरा व अन्य शहरों से आयात किए जा रहे हैं। इसी तर्ज पर उदयपुर में भी डांडियों का निर्माण होने लगा है, फिर भी गुजराती डांडिया काफी पसंद किए जाते हैं।


यूं तो लकड़ी के खिलौने आदि बनाने में उदयपुर अव्वल रहा है। लेकिन गरबा का चलन गुजरात से जुड़ा होने के कारण डांडिया भी वहीं के ज्यादा बिकते हैं। हालांकि उदयपुर में भी इसका काफी निर्माण होने लगा है, लेकिन यहां डांडिया बनाना अभी भी मुश्किल भरा काम है। शहर में कारीगर इन दिनों डांडिया बनाने में जुट गए हैं। पहले यह हथकरघा उद्योग की तरह था, लेकिन अब काम मशीनों पर निर्भर हो गया है। मेवाड़ में लकड़ी की उपलब्धता में कमी के कारण लकड़ी की कला भी पिछडऩे लगी है। कारीगरों का कहना है कि यहां जो डांडिया बनाते थे, उस पर चपड़ी का रंग चढ़ाया जाता था। उनका रंग भी नहीं उतरता था। हालांकि लागत ज्यादा आती थी। अब डांडिया बनाते का काम कम हो गया है, क्योंकि गुजरात से काफी मात्रा में डांडिया कम दरों में मिल जाते हैं। मशीन से बने होने से लागत भी कम आती है। अब एलुमिनियम के डांडिये भी आने लगे हैं।

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इनका कहना...
पहले गीनी की लकड़ी आती थी, लेकिन अब आनी बंद हो गई। पहले अच्छा काम चलता था, अब लकड़ी का काम कम हो गया है। थोड़ी बहुत लकड़ी खरीद कर लाते हैं और जरुरत के मुताबिक डांडिया बना लेते हैं।

शंकरलाल कुमावत, कारीगर


शहर लकड़ी के खिलौने में मशहूर है, लेकिन लकड़ी की कमी व अधिक कीमत से कारोबार में कमी आई है। पहले कारीगर लकड़ी के डांडिया भी बनाते थे, लेकिन अब नही बनाते हैं, क्योकि लागत अधिक पड़ती है। अब अहमदाबाद से मंगवाते हैं।

दिलीप माधवा, व्यवसायी


डांडिया का चलन बढ़ गया है, लेकिन उदयपुर में इतने डांडिया नहीं बनते हैं, क्योंकि यहा पर लागत अधिक पड़ती है। बड़ौदा में थोक में बनते हैं तो लागत भी कम आती है। ऐसे में कम से कम लागत में उपलब्ध कराने के लिए लाते हैं।

हिमांशु जैन, थोक विक्रेता

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