
उदयपुर में नए गवरी सर्कल पर दिखेगा लोककलाओं का संसार...कहां तैयार हो रहा है ये चौराहा.. जानिए..
मुकेश हिंंगड़़/ उदयपुर . हिरणमगरी सेक्टर 11 में जैसा गवरी सर्कल तैयार किया गया है, वैसा ही एक सर्कल आरएसएमएम तिराहा (पंचवटी) पर विकसित किया जा रहा है। इस पर लोक कला का संसार भी दिखाने का प्रयास किया जाएगा। नगर निगम ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
शहर के चौराहों व सर्कल के सौन्द्रर्यीकरण के तहत इस सर्कल को हाथ में लिया जा रहा है। भारतीय लोक कला मंडल से करीब 300 मीटर की दूरी पर आबकारी आयुक्त के बंगले के बाहर स्थित इस सर्कल को ऐसे विकसित कर रहा है ताकि वहां से गुजरने वाले पर्यटक भारतीय लोक कला मंडल देखने का मानस बनाए। भारतीय लोककला मंडल की एक तस्वीर इस सर्कल पर दिखाई जाएगी। सर्कल पर इस तरह की ड्राईंग तैयार की जा रही है जिसमें नृत्य करती कठपुतली दिखाई देगी। वैसे तिराहा के स्वरूप को लेकर अंतिम निर्णय मेप तैयार होने के बाद किया जाएगा।
जानिए लोक कला मंडल के बारे में
भारतीय लोक कला मंडल की स्थापना लोक कलाविद् पद्मश्री से सम्मानित स्व. देवीलाल सामर ने 1952 में की थी। लोक कलाओं के संरक्षण, विकास एवं प्रचार प्रसार करने के उद्देश्य से बनाई इस सस्था में लोक कलाओं, कठपुतलियों, राजस्थानी लोक नृत्य, लोक नृत्य गवरी के पात्र आदि के मुखौटों से सम्बंधित अलग-अलग कक्ष बने हुए हैं, वहीं कठपुतली नृत्य के लिए थियेटर भी बना हुआ है।
--
इनका कहना है....
भारतीय लोक कला मंडल के पास इस सर्कल पर लोक कलाओं की झलक देखने को मिलेगी। अभी तो तख्मीना बन रहा है और उसके बाद पूरी चर्चा कर निर्णय किया जाएगा। यह सब होने के बाद टेंडर प्रक्रिया कर इस कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
- रोबिन सिंह, अध्यक्ष, नगर निगम सौन्द्रर्यीकरण समिति
Published on:
20 Jul 2018 08:00 am
बड़ी खबरें
View Allउदयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
