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स्कूलों में कमजोर बच्चों की मजबूती का नया पाठ

रेमेडिएशन कार्यक्रम दूर करेगा लर्निंग गेप स्टूडेंट्स का बनेगा अलग-अलग समूह- पहली से आठवीं कक्षा में 15 जुलाई तक बेसलाइन सर्वे होगा  

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रेमेडिएशन कार्यक्रम दूर करेगा लर्निंग गेप

रेमेडिएशन कार्यक्रम दूर करेगा लर्निंग गेप

कोरोना काल से लेकर किसी कारणों से शिक्षा में कमजोर बच्चों की कमजोरी दूर करने के लिए अब स्कूलों में रेमेडिएशन कार्यक्रम के जरिए बच्चों में लर्निंग गेप दूर किया जाएगा। इसके लिए बच्चों को अलग-अलग समूह बनाकर पढ़ाया जाएगा, ताकि जो कमजोर बच्चे हैं, उनकी कमजोरी को दूर कर बेहतर बच्चों के स्तर तक लाया जा सके। इसके लिए आरएससीइआरटी (राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उदयपुर) द्वारा बनाई गई कार्यपुस्तिकाओं के माध्यम से पढ़ाया जाएगा।

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ब्रिज-रेमेडिएशन कार्यक्रम के चरण

-सभी स्कूलों में जुलाई, 2022 से अप्रेल, 2023 तक रेमेडिएशन कार्यक्रम दो चरणों में चलेगा।

- प्रथम चरण में कक्षा के सभी विद्यार्थियों को बिहाइन्ड ग्रेड दक्षता आधारित पढ़ाई करवाएंगे। जुलाई, 2022 से सितंबर, 2022 तक प्रत्येक सप्ताह सोमवार से शुक्रवार प्रति दिन 8 कक्षाओं में से पहली 4 कक्षाओं में वर्कबुक आधारित पढ़ाई होगी, इसमें रेमेडियल शिक्षा दी जाएगी, वहीं बाकी 4 कक्षाओं में एटग्रेड़ की विषयवस्तु पढ़ाएंगे।- द्वितीय चरण में, विद्यार्थियों को रेमेडिएशन प्रोग्राम की अवधि के दौरान अलग-अलग निर्देश मिलेंगे। अक्टूबर, 2022 से अप्रेल, 2023 तक प्रत्येक सप्ताह सोमवार से शुक्रवार प्रति पहली 2 कक्षाएं रेमेडियल शिक्षण के लिए तय रहेंगे।

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राज समसा से डाउनलोड होगी संदर्भ सामग्री

- कार्यपुस्तिका उपलब्ध होने तक विद्यार्थियों का अभ्यास कार्य जारी रह सके, इसके लिए पहली से आठवीं तक की हिंदी, गणित एवं अंग्रेजी विषय की कार्य पुस्तिकाओं को समसा पोर्टल rajsmsa.nic.in पर संदर्भ सामग्री टैब से संस्था प्रधान जरूरत पर वर्कशीट्स शिक्षक से डाउनलोड करवाएगे। इन वर्कशीट्स को शिक्षकों द्वारा बोर्ड पर लिखकर विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा।

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स्तर जांच कर अलग-अलग बिठाएंगे, 60 प्रतिशत रहेगा आधार- रेमेडिएल शिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को लर्निंग लेवल के आधार पर दो समूहों में बांट कर अलग-अलग बिठाएंगे। नियमित रूप से वर्कबुक्स की जांच कर और विद्याथ्रियों का उनके द्वारा की गई गलतियों का सुधार कैसे हो, इस पर फीडबेक देना होगा।

- शिक्षकों द्वारा वर्कबुक्स में ग्रुपिंग टूल का उपयोग करके 60 प्रतिशत से अधिक स्कोर करने वाले विद्यार्थियों को समूह 1 में और 60% से कम स्कोर करने वाले विद्यार्थियों को समूह 2 में बिठाएंगे।- दोनों विद्यार्थी समूहों का दक्षता आधारित सामान्य शिक्षण होगा, लेकिन शिक्षक कमजोर समूह पर ज्यादा ध्यान देंगे।

- ब्रिज- रेमेडिएशन कार्यक्रम पहले चरण में सत्रारम्भ से ही लर्निंग लेवल का आकलन तथा विद्यार्थियों को समूहीकृत करने के लिए वर्कबुक्स में दिया गया बेसलाइन आकलन 15 जुलाई तक किया जाएगा। जिन स्कूलों में वर्कबुक्स नहीं है, वहां समसा पोर्टल से बेसलाइन आकलन शीट डाउनलोड कर 10 जुलाई तक पहली से आठवीं तक सभी विद्यार्थियों का बेसलाइन आकलन होगा। शाला दर्पण मॉड्यूल पर इसे 15 जुलाई तक डाउनलोड करना होगा।