
5 करोड़ की लागत से जुड़े निर्माण कार्यों के लिए निकाली गई निविदा प्रक्रिया में आई खामियों ने उलझाया प्रक्रिया को
डॉ. सुशील सिंह चौहान/ उदयपुर. करीब चार सौ करोड़ लागत से सड़क एवं अन्य निर्माण कार्य में सक्रिय प्रदेश सरकार की एजेंसी नेशनल हाई-वे के अधीक्षण अभियंता को कार्यालय विहीन हैं। अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग कार्यालय परिसर में उनको कार्यालय देने की कवायद हो रही है। फिलहाल वह अधिशासी अभियंता कार्यालय (एनएच) में बैठकर नए कार्यालय के मिलने का इंतजार कर रहे हैं। गत दिनों प्रदेश के अलवर जिले में नेशनल हाइवे की समाप्त हुई परियोजनाओं के बाद सरकार ने हाल ही में अलवर के अधीक्षण अभियंता कार्यालय को उदयपुर में शिफ्ट किया है। इसके बाद से अधीक्षण अभियंता के तौर पर सुधीर माथुर को उदयपुर में नियुक्त किया गया है। चूंकि अब तक उदयपुर जिले में एनएच के उच्चाधिकारी के तौर पर अधिशासी अभियंता संचालित था, जो कि अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी कार्यालय परिसर में संचालित है। अब अधीक्षण अभियंता को कार्यालय अलोट करने के लिए स्थानीय पीडब्ल्यूडी स्तर पर एक कक्ष को खाली कराकर उसमें रंगाई-पुताई की तैयारी की जा रही है। गौरतलब है कि संभाग में एनएच के नाम पर एनएच ९२७ ए एवं अन्य परियोजनाओं पर करीब ४०० करोड़ के कार्य प्रगति पर हैं। ऐसे में परियोजनाओं पर नियंत्रण को देखते हुए अधीक्षण अभियंता स्वीकृत किया गया है। इससे पहले उदयपुर जोन की एनएच व्यवस्थाओं का संचालन जोधपुर अधीक्षण अभियंता कार्यालय से हुआ करता था।
जल्द देंगे कार्यालय
नया पद स्वीकृत हुआ है। इसके बाद परिसर में एक कक्ष में रंगाई-पुताई कराकर अधीक्षण अभियंता को सौंपने की तैयारी की जा रही है।
सी.आर. प्रेमी, अधीक्षण अभियंता (कार्यवाहक), पीडब्ल्यूडी
मूलभूत सुविधाओं के लिए लामबंद ग्रामीण
झाड़ोल. उपखण्ड क्षेत्र के राजस्व गांव सरवण व माल की मूलभूत सुविधाओं को लेकर लामबंद ग्रामीणों ने शुक्रवार को उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने कलक्टर की ओर से दिए गए आश्वासन के ४ माह बाद भी जस की तस पसरी समस्याओं को लेकर नाराजगी जताई। साथ ही आगामी ५ दिन बाद क्षेत्र में चक्काजाम एवं पानरवा रेंज का घेराव करने की रणनीति से अवगत कराया। इससे पहले मेवाड़ एकता मंच के बैनर तले ग्रामीणों ने क्षेत्र में बिजली, सड़क डामरीकरण जैसी सुविधाओं की कमी जताई। बताया कि समस्या समाधान को लेकर उनकी ओर से उपखण्ड कार्यालय के बाहर ६ घंटे तक धरना दिया गया था। गत ४ जून को जिला कलक्टर ने ग्रामीणों की समस्या का निस्तारण करने का आश्वासन भी दिया, लेकिन आज तक भी समस्या के समाधान को लेकर कोई पहल नहीं हुई है। इससे आमजन में आक्रोश बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने चेताया कि १० अक्टूबर तक विकास कार्य शुरू नहीं किए गए तो ११ अक्टूबर को पानरवा रेंज का घेराव किया जाएगा। सोहनलाल परमार, पंकजसिंह, कल्याणसिंह, शंकरलाल, नवलराम, कन्हैयालाल, धर्मसिंह एवं अन्य ग्रामीण मौजूद थे।
Published on:
06 Oct 2018 12:50 pm
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