
जलसांझी में कृष्ण लीलाओं का चित्रण
प्रमोद सोनी/उदयपुर. श्राद्धपक्ष की एकादशी पर शहर में पानी की सतह पर सांझी बनाई गई। कलश मार्ग स्थित गोवर्धन नाथ मंदिर में जलसांझी में बंसी वट का चित्रण किया गया।पुजारी राजेश वैष्णव ने बताया कि पानी की सतह पर विभिन्न रंगों से कृष्ण लीलाओं का चित्रण किया जाता है। एक बडे़ पात्र में पानी भरा जाता है। जब वह स्थिर हो जाता है, तब पानी पर तेल डाला जाता है। इसके बाद सूखे रंगों से विभिन्न कलाकृति उकेरी जाती है। इसे बनाने में ६ घंटे से अधिक समय लगता है। इधर, जगदीश मार्ग स्थित राधा वल्लभजी मंदिर में माखन चोर की झांकी बनाई गई। मंडी स्थित बाईजी राज कुंड पर दानलीला व फूलों का बंगला बनाया गया। शाम को इन मंदिरों पर जलसांझी के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही। श्रद्धालुओं एवं विदेशी पर्यटकों ने इस अनूठी पारंपरिक कला को कैमरे में कैद भी किया।
शाम को पूजा-अर्चना करती है
दूसरी ओर, भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से संझ्या (सांझी) उत्सव प्रारंभ हुआ जो भाद्रपद कृष्ण अमावस्या तक चलता है। इस दौरान घरों के बाहर कन्याएं गोबर व फूलों से सांझी की विभिन्न कलाकृतियां बनाती हैं। शाम को पूजा-अर्चना करती है। अंतिम दिनों में कोट बनाया जाता है। अमावस्या पर सांझी को जल में विसर्जन कर दिया जाता है। इस दौरान गेहूं की घूघरी व गुड़ का भोग लगाया जाता है।
Published on:
06 Oct 2018 11:30 am
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