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भुवनेश पंड्या
आरएनटी मेडिकल कॉलेज के अन्तर्गत शुरू होने वाले एनएमटीआई यानी नेशनल मिडवाइफरी ट्रेनिंग इंस्टीटूयट एक विशेष नव प्रयोग करने जा रहा है, जो देश में अपनी तरह का पहला प्रशिक्षण प्रयोग होगा। इसमें प्रशिक्षुओं को ऐसा प्रशिक्षण दिया जाएगा जिसमें प्रसव की पर्दे पर थ्री डी इमेज दिखाई जाएगी, साथ ही पहली बार ऐसी विशेष मेनिक्विन मंगवाई जा रही है, जिनके गर्भ से बच्चा पैदा होगा। इसमें ये दिखाया जाएगा कि किस तरह से सामान्य रूप से प्रसव करवाया जा सकता है।-
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देश का 15 वां संस्थान- यह देश का 15 वां संस्थान है, जो उदयपुर में शुरू किया जा रहा है। यहां देशभर से 30 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसे शुरू करने का मुख्य उद्देश्य है कि कैसे सामान्य प्रसव करवाया जाए, बिना परेशानी कैसे मातृ शिशु म़ृत्युदर को नियंत्रित करें और बिना सीजेरियन कैसे प्रसव करवाया जाए। संस्थान में दो इन्टरनेशनल मिडवाइफरी एज्यूकेटर व दो नेशनल मिडवाइफरी एज्यूकेटर कार्य करेंगे।
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ऐसे होगा संस्थान का संचालन
- एनएमटीआई संस्थान का संचालन करने के लिए आरएनटी मेडिकल कॉलेज में तैयार की गई है। यहां मिडवाइफरी लैड यूनिट, लैड एंटीनेटल क्लीनिक, मिडवाइफरी लैड लैबर रूम बनाए जा रहे हैं, जिनका कार्य अंतिम चरण में हैं।- संस्थान का कार्य नर्सिंग कॉलेज में होगा, जबकि प्रेक्टिकल जनाना में किया जाएगा। इसके लिए मिडवाइफ्स का बैच स्वास्थ्य निदेशालय जारी करेगा।
- नेशनल मिडवाइफरी एज्यूकेटर प्रशिक्षण देंगे। इसमें ये देखा जाएगा कि यदि कोई महिला, जिसका प्रसव होना है वह सामान्य िस्थतियों में है, तो पर उनके पास जाएगा।
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यह देश भर में पहली बार प्रयोग हो रहा है, जिसमें मेनिक्विन के माध्यम से प्रसव की प्रक्रिया सिखाई जाएगी। इसे सिमुलेशन से प्रसव प्रक्रिया कहा जाता है। संचालन यूएनएफपीए कर रहा है। स्टेट प्रशिक्षण केन्द्र जयपुर में है, जबकि उदयपुर को नेशनल सेंटर दिया गया है।
डॉ लाखन पोसवाल, प्राचार्य आरएनटी मेडिकल कॉलेज
Published on:
19 Nov 2022 07:33 am
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