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उदयपुर में बेकाबू वाहनाेें से जान के लाले, मन माफिक स्पीड में दौड़ा रहे वाहन, आए द‍िन हो रहे हादसे..

- गति सीमा के बोर्ड भी सिर्फ हाइवे पर, यातायात की बिगड़ी व्यवस्था से हर कोई परेशान

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उदयपुर में बेकाबू वाहनाेें से जान के लाले, मन माफिक स्पीड में दौड़ा रहे वाहन, आए द‍िन हो रहे हादसे..

मो. इल‍ियास/उदयपुर . शहर की 20 किलोमीटर की परिधि, इसमें टूटी-फूटी, संकरी व घुमावदार सडक़ें, किसी भी मार्ग पर कोई गति सीमा तय नहीं, जहां है वहां बोर्ड ही नहीं लगे। ऐसे में हर कोई मन माफिक स्पीड में वाहन दौड़ाकर स्वयं व सडक़ पर चलने वाले लोगों की जान को खतरे में डाल रहा है। हालत यह हो गए हैं कि प्रतिदिन कोई न कोई सडक़ हादसे में या तो दुनिया छोड़ रहा है या फिर अपंग होकर बिस्तर तक सीमित हो गया है।

गति सीमा के बोर्ड लगे तो बने चालान

तेज गति से वाहन भगाने वाले चालकों को रोकने के लिए यातायात पुलिस के पास पावर तो है लेकिन गति सीमा बोर्ड नहीं होने से वे इसे चालान पर नहीं ले पा रहे। पुलिस ऐसे चालकों को यातायात नियमों के उल्लंघन एवं अन्य धाराओं में घेरते हुए महज खानापूर्ति कर रही है, जिससे ओवर स्पीडिंग से हादसों में दिनोंदिन वृद्धि हो रही है।

दो वर्ष में गई 42 जानें, 323 हुए घायल

शहर के 15 थाना क्षेत्रों पर नजर डालें तो पिछले 2 वर्ष में 403 हादसे हुए, जिनमें से 42 जान गई तो 323 लोग घायल हुए। सर्वाधिक हादसे प्रतापनगर-बलीचा बाइपास पर हुए। जिले के तीन वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो 42 थाना क्षेत्र में 2703 दुर्घटनाएं हुई, जिनमें 934 लोग मारे गए तो 3236 लोग घायल हुए। इनमें सर्वाधिक हादसे हाइवे पर हुए।

ओवरस्पीड के हाइवे पर ही चालान
जिले व शहर में वाहनों की गति सीमा तय होने के बावजूद पुलिस सिर्फ ओवर स्पीड के हाइवे पर चालान काट रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाइवे पर गति सीमा के बोर्ड लगे हैं, जिनसे ऊपर जाते ही वाहनों को पकड़ते हैं लेकिन शहर में ऐसे कोई बोर्ड नहीं होने पर चालक बहस करता है जबकि शहर की सडक़ पर स्पीड रोक की आवश्यक है।


चार दिन में चार हादसे, दो जान गई

- देबारी घाटा वाला माता मंदिर के निकट एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवार मां-बेटे को चपेट में लिया, मां की हुई मौत।
- अम्बेरी के निकट एक अज्ञात वाहन ने घर के इकलौते पुत्र को छीन लिया। तेज गति ने बाइक को चपेट लिया।

- सुखाडिय़ा सर्कल पर ओवर स्पीड के कारण एक कार रैलिंग तोड़ती हुई पार्क में घुस गई।
- बापूबाजार में भी दो दिन पहले एक कार स्पीड के कारण रेस्टारेंट में जा घुसी।

- हिरणमगरी में बंजारा घाटी पर चार दिन एक ट्रक ने रिवर्स में आकर सास-दामाद को कुचल दिया।

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परिवहन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार


जिले में कुल दुपहिया वाहन-3 लाख

चारपहिया हल्के वाहन- करीब 40 हजार


हकीकत-

अवधि पार वाहन - करीब 50 हजार
बाहरी राज्यों के चारपहिया वाहन- करीब 5 से 7 हजार


ओवर स्पीड के चालान की स्थिति

- जनवरी से अब तक - 324 वाहन

- जुर्माना वसूला -करीब 1.50 लाख

- शहर के भीतर कोई ओवर स्पीड का नहीं बना चालान

ओवर स्पीड से निपटने के लिए गति सीमा तय कर ली लेकिन संबंधित एजेन्सियों ने अब तक शहर में इस संबंध में ऐसे कोई बोर्ड नहीं लगाए। हाइवे पर स्पीड लिमिट के कई चालान कटते है।
नेत्रपाल सिंह, यातायात निरीक्षक