
udaipur
उदयपुर।फूल-सी बच्ची को मां बेसहारा छोड़ गई, लेकिन चिकित्सा विभाग और पुलिस के प्रयास रंग लाए और बच्ची को फिर से अपनों का सहारा मिल गया। एक दिन पहले ही पन्नाधाय चिकित्सालय में मां प्री-मेच्युअर बच्ची को नर्सरी वार्ड में बेसहारा छोड़ गई थी, लेकिन आखिर बच्ची की दादी का दिल पसीजा और पोती को अपनाने पहुंच गई। बच्ची की दादी ने बताया कि उसकी बहू ने जुड़़वा बेटियों को जन्म दिया था, लेकिन बेटे-बहू ने दोनों बच्चियों के मरने की सूचना दी थी।
बांसवाड़ा चिकित्सा विभाग से जब उसे सूचना मिली कि पोती जिंदा है तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह खुद को नहीं रोक पाई और पोती के स्वस्थ्य होने की दुआ करते हुए, उसे अपनाने पन्नाधाय चिकित्सालय पहुंच गई। वह बेटे को साथ लेकर बांसवाड़ा से सुबह उदयपुर पहुंची। बच्ची चिकित्सकों की देखरेख में है। शिशु चिकित्सालय के आईसीयू नर्सरी वार्ड में भर्ती है। उसके आने की सूचना से शिशु चिकित्सालय के स्टाफ ने राहत की सांस ली।
यह था मामला : गौरतलब है कि सात अप्रेल को बांसवाड़ा जिले की घाटोल पंचायत समिति के रोड़ा पाड़ा क्षेत्र की विवाहिता ने यहां पन्नाधाय महिला चिकित्सालय में जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया था। प्री-मेच्युअर बच्चियों को चिकित्सकों ने दुग्धपान नहीं कराने की सलाह दी थी, लेकिन बच्चियों को रोता देख मां की ममता नहीं मानी और उसने बच्चियों को दूध पिला दिया। एक बच्ची की श्वास नली में दूध फंसने से उसकी मौत हो गई, जबकि दूसरी गंभीर हालत पर नर्सरी वार्ड में भर्ती कराई गई। भर्ती बच्ची को मरा समझकर पति-पत्नी गुरुवार दोपहर चिकित्सालय से निकल गए। यहां बाद में शिशु चिकित्सालय स्टाफ गायब पिता की जानकारी के बाद मौन हो गया। बच्ची के उपचार को लेकर भी मनमानी की गई।
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