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कहीं प्रसूताओं की जान पर पर भारी नहीं पड़ जाए ये लापरवाही…इस समस्‍या के कारण हो रही है तकलीफ

पन्नाधाय राजकीय महिला चिकित्सालय , प्लस्तर से पहले पर्दे नहीं लगाने से वार्डों में घुसी धूल

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डॉ सुशील स‍िंंह चौहान/ उदयपुर . दुर्गंध और गंदगी की समस्या से जूझ रहे पन्नाधाय राजकीय महिला चिकित्सालय के लेबर और प्रसूता वार्ड में इन दिनों हवा में उड़ती धूल नई चुनौती बन गई है। इसके चलते गर्भवतियों, प्रसूताओं और नवजातों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। परिसर में पीडब्ल्यूडी की ओर से जारी मरम्मत कार्य में ढिलाई से उत्पन्न समस्या को लेकर प्रशासनिक अधिकारी मौन साधे हुए हैं।
दीवारों में दरारें आने के बाद गत दो दिनों से प्लास्टर को गिराया जा रहा है। करीब 20 फीट ऊंचाई से गिराए जा रहे प्लस्तर से धूल ही धूल हो रही है। वार्ड में बिस्तर पर इसकी परतें जम गई हैं। चिकित्सालय प्रशासन एवं पीडब्ल्यडी टीम ने इस स्थिति का संयुक्त निरीक्षण कर समस्या के निस्तारण पर मंथन की औपचारिकता पूरी की। गौरतलब है कि रियासत कालीन इमारत के भीतर संचालित चिकित्सालय के दूसरे माले पर एमसीएच विंग निर्माण के दबाव से ग्राउण्ड फ्लोर की दीवारों के बड़े हिस्से में दरारें पड़ गई हैं। हादसे की आशंका के मद्देनजर पीडब्ल्यूडी दीवारों को दुरुस्त करने में जुटा है।

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पीडब्ल्यूडी को नहीं मिला बजट
चिकित्सालय इमारत पीडब्ल्यूडी के अधीन है। बजट नहीं होने के बावजूद विभाग दीवारों को दुरुस्त कराने में जुटे हैं। गौरतलब है कि पीडब्ल्यूडी ने चिकित्सालय के रखरखाव को लेकर 232 लाख रुपए का बजट मांगा गया था, लेकिन चिकित्सा शिक्षा विभाग ने चिकित्सालय को महज 75 लाख रुपए का बजट केवल शौचालयों के रखरखाव के लिए दिया।

बंद कराएंगे मूवमेंट
चिकित्सालय अधीक्षक डॉ. सुनीता माहेश्वरी के साथ सामूहिक निरीक्षण कर चर्चा की। बुधवार से केवल उसी हिस्से में सुधार होगा, जहां पर पब्लिक मूवमेंट नहीं होगा। मरम्मत कार्य टुकड़ों में पूरा किया जाएगा।
आर.के. मूंदड़ा, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी हॉस्पिटल गेंगहट