वरिष्ठ अध्यापक पेपर लीक प्रकरण में सरगना (एक लाख रुपए के इनामी) भूपेन्द्र सारण को गुरुवार शाम को बेंगलूरु एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। उसे लेकर पुलिस टीम गुरुवार सुबह उदयपुर पहुंची। यहां हाथीपोल थाने में रखने के बाद उसे कोर्ट में पेश करने की तैयारी की गई है। पुलिस की ओर से रिमांड पर लिया जाएगा, जिसके तहत विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि मास्टरमाइंड भूपेंद्र अहमदाबाद से बेंगलूरु शाम 6.40 बजे की फ्लाइट से पहुंचा था। उससे पहले ही रन-वे पर एटीएस-एसओजी व जोधपुर ग्रामीण पुलिस की टीम पहुंच गई। फ्लाइट से उतरते ही उसे पकड़ लिया और बेंगलूरु पहुंची उदयपुर पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
एटीएस-एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि 6 दिन पहले जोधपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव ने सारण के बेंगलूरु में होने की सूचना दी। सारण व सुरेश ढाका के लिए गत 18 फरवरी को ट्रेन में जोधपुर से घी व अन्य सामग्री बेंगलूरु भेजी गई थी। यह ट्रेन 19 फरवरी को रात 11 बजे बेंगलूरु पहुंचनी थी। एसपी धर्मेंद्रसिंह ने बताया कि ग्रामीण पुलिस के डीएसटी प्रभारी एसआई लाखाराम को इसकी सूचना मिली। उन्होंने धर्मेन्द्रसिंह को अवगत कराया।
उन्होंने एसआई लाखाराम व देवाराम और कांस्टेबल भवानी को एटीएस-एसओजी टीम के साथ उसी दिन विमान से बेंगलूरु रवाना किया। ट्रेन के पहुंचने से पहले बेंगलूरु स्टेशन पर सरगना को पकड़ने के इंतजाम किए गए। ट्रेन पहुंची तो सरगना भूपेन्द्र व सुरेश की बजाय एक अन्य व्यक्ति वहां आया और ट्रेन से घी व अन्य सामग्री लेकर रवाना हो गया। पुलिस व एसओजी टीम ने उसका पीछा किया। वे उसके घर तक पहुंच गए। दोनों आरोपियों के वहां नहीं होने का पता लगा। आखिरकार पुलिस-एसओजी ने घी लेकर जाने वाले को बुधवार को हिरासत में लिया। पूछताछ करने पर सामने आया किसारण हवन के लिए गुरुवार को अहमदाबाद से विमान में बेंगलूरु आ रहा है। इस सुराग के आधार पर पुलिस बेंगलूरु एयरपोर्ट पहुंची, जहां विमान से उतरकर बाहर आते ही सारण को पकड़ लिया।