25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

PATRIKA IMPACT: जो दम्पती कर रहा था मौत की गुहार उसे पत्रिका की खबर ने दिया जीवनदान, गेंहू और नकदी के साथ ही सरकारी सुविधाओं के साथ पहुंचा प्रशासन

कानोड़. पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद पालिकाध्यक्ष ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पालिका के सभी कर्मचारियों को सुबह कार्यालय में तलब करते हुए जमकर लताड़ा।

3 min read
Google source verification
PATRIKA IMPACT: couple demands for death in kanore udaipur

PATRIKA IMPACT: जो दम्पती कर रहा था मौत की गुहार उसे पत्रिका की खबर ने दिया जीवनदान, गेंहू और नकदी के साथ ही सरकारी सुविधाओं के साथ पहुंचा प्रशासन

कानोड़. सरकार की योजनाओं से वंचित गोकल के परिवार की आखिर सुध ली गई। शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारी उसके घर पहुंचे व उसकी समस्या सुनते हुए मदद का भरोसा दिलाया। गौरतलब है कि वार्ड सात अन्तर्गत बावजी की भागल माताजी के मंदिर निवासी गोकल पुत्र भेरा मीणा का परिवार फाकाकशी के दौर से गुजर रहा था। राजस्थान पत्रिका के 8 जून के अंक में ‘भुखमरी से त्रस्त दम्पती मांग रहा मौत’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया गया था।

खबर प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को उपखण्ड अधिकारी अनिल शर्मा के निर्देशन में नायब तहसीलदार सवाईलाल रेगर, पालिकाध्यक्ष अनिल शर्मा सहित प्रशासनिक लवाजमा पीडि़त परिवार के घर पहुंचा व उनकी समस्या सुनकर निदान के प्रयास शुरू किए। नायब तहसीलदार ने बताया कि पीडि़त परिवार को अब पेंशन की राशि के लिए दो बैंक शाखाओं के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंंगे। पन्द्रह किलो के बजाय अब पैतीस किलो गेहूं मिलेगा। पीडि़त परिवार को उज्ज्वला गैस योजना के तहत कनेक्शन करने व एक बैंक शाखा में खाता करवाने के आवेदन हाथो हाथ भरवाए गए।

READ MORE: बेटे ने मांगा खाना तो मां बोली- 'कहां से बनाऊ बेटा घर में न आटा है न राशन', भुखमरी से परेशान ये दम्पती जिंदगी के बदले मांग रहे मौत

वहीं परिवार को हाथो हाथ पचास किग्रा गेहूं प्रशासन ने उपलब्ध करवाए। नायब तहसीलदार ने पांच सौ रुपए नकद राशि देते हुए पचास किलोग्राम गेहूं भेजने को कहा। पालिकाध्यक्ष अनिल शर्मा ने बताया कि जल्द ही परिवार के लिए शौचालय का निर्माण करवाया जाएगा। पूरे मामले में तहसील प्रशासन की ओर से पटवारी जितेन्द्र पारिक ने मौक ा पर्चा बनाकर रिपोर्ट उपखण्ड अधिकारी को भेजी। इस मौके पर समाज कल्याण विभाग के नर्बदा शंकर चौबीसा, पार्षद कोमल कामरिया, भवानी सिंह चौहान, भारत गैस एजेन्सी के मैनेजर पंकज जारोली, बीसी जगदीश वैष्णव, वरिष्ठ लिपिक सज्जन सिंह सोलंकी, अरुण भाणावत, अंबालाल मीणा आदि मौजूद रहे।


दो बाइक देकर कोस ली साढ़े पांच बीघा जमीन
बुजुर्ग गोकल मीणा ने अपनी दु:खभरी कहानी बयां करते हुए बताया कि हुलावा माता के पास उसकी साढ़े पांच बीघा जमीन थी। कानोड़ के एक साहूकार ने बच्चे को दो मोटरसाइकिल देकर कोस ली। बुजुर्ग ने कस्बे के साहूकारका नाम भी प्रशासन को बताया। यह सुनकर नायब तहसीलदार ने पटवारी को मामले की जांच करने के निर्देश दिए।


बिजली देने वाला विभाग कहा
आजादी के सात दशक बाद भी परिवार बिना बिजली के रह रहा है । खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन तो मौके पर पहुंच गया लेकिन विद्युत निगम का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।

कार्मिकों को लताड़

पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद पालिकाध्यक्ष ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पालिका के सभी कर्मचारियों को सुबह कार्यालय में तलब करते हुए जमकर लताड़ा। अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि क्षेत्र में ऐसा कोई परिवार नहीं होना चाहिए, जो सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रहे। शर्मा के निर्देश पर पीपीओ नम्बर निकालकर जांच की गई। पालिकाध्यक्ष ने कहा कि ऐसा परिवार उनके क्षेत्र में रहता है तो वह नगर पालिका में आकर बताएं ।

मौके पर पहुंंचा विपक्ष

इधर, दोपहर दो बजे पूर्व विधायक गजेन्द्र्र सिंह शक्तावत, पूर्व प्रधान करण सिंह कोठारी, नेता प्रतिपक्ष दिलीप सिंह सोलंकी, सुनील चौबीसा, ब्लॉक अध्यक्ष सुनील कुकड़ा आदि भी पीडि़त परिवार के घर पहुंचे व उनकी व्यथा सुनी। शक्तावत ने परिवार को पचास किलो गेहूं देते हुए हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। वही पूर्व प्रधान कोठारी ने भी राशन सामग्री लाने के लिए नकद राशि दी। इधर, कुछ भामाशाहों ने पीडि़त दम्पती के घर पहुंचकर आटा सहित राशन सामग्री पहुुंचाई।