
आया पतझड़: नग्न धरा नग्न पर्वत पहाड़,सिर्फ ढांचा बने वृक्ष हजार,उजड़े बाग-बगीचे , फुलवारियां,हो गई कुसुम वादियां वीरान,लगे धरती जैसे कोई श्मशान.......

आया पतझड़: नग्न धरा नग्न पर्वत पहाड़,सिर्फ ढांचा बने वृक्ष हजार,उजड़े बाग-बगीचे , फुलवारियां,हो गई कुसुम वादियां वीरान,लगे धरती जैसे कोई श्मशान.......




