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सायरा थाना पुलिस ने शुक्रवार शाम नाकेबंदी के दौरान गैस सिलेण्डर में भरी करीब 10.30 किलोग्राम अफीम बरामद की। कार चालक आरोपित डिग्गी में गैस सिलेण्डर रखकर अफीम की सप्लाई देने जिला जालौर जा रहा था।
त्वरित कार्रवाई कर पुलिस ने आरोपित मानपुरा थाना बड़ी सादड़ी निवासी निवासी शांतिलाल मेनारिया (64) को गिरफ्तार किया। साथ ही कार्रवाई की सूचना से जिला पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया। पुलिस के अब तक के अनुभव के हिसाब से प्रदेश में इस तरह से अफीम की तस्करी का यह पहला मामला होना सामने आया है।
थानाधिकारी उपनिरीक्षक भंवरलाल विश्नोई ने बताया कि जिला पुलिस अधीक्षक राजेंद्र प्रसाद गोयल के निर्देश पर थाने के जाप्ते ने थाने से कुछ दूरी पर निजी होटल के आगे तिराहे पर शाम करीब 4 बजे से नाकाबंदी कर रखी थी। इस दौरान शाम 7 बजे वाहनों की जांच के दौरान महाराष्ट्र पासिंग की कार में सवार चालक पुलिस नाकेबंदी देखकर वहां से भागने लगा। तभी पुलिस ने पीछाकर उसे दबोच लिया।
नॉब दबाई, लेकिन नहीं निकली गैस
नाकेबंदी देखकर वाहन घूमाकर भागने की हरकत से पुलिस को आशंका हुई। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि उसके पास कार के दस्तावेज नहीं थे। इसलिए घबराहट में उसने एेसा किया। लेकिन, उसकी हरकतों को थानाधिकारी ने भांप लिया और पड़ताल में डिग्गी में रखे सिलेण्डर पर शक हुआ। हिलाने पर सिलेण्डर भारी दिखा, लेकिन नॉब दबाने पर उसमें गैस नहीं निकली।
इससे पुलिस का शक गहरा गया। इसके अलावा वर्ष 2007 में अवधिपार होने वाले सिलेण्डर से भी पुलिस की आशंका गहरा गई। कार्रवाई करने वाले दल में वाहन चालक शंकरलाल के साथ जवान हीरालाल, प्रकाश, वीरचंद, ओम प्रकाश, अशोक कुमार, बहादूरसिंह एवं हंसराज शामिल थे।
नई बात यह सामने आई कि आरोपित ने तस्करी में काम लिए गए सिलेण्डर को वेल्डिंग स्थान से काटकर उसी अंदाज में वेल्डिंग कराई। इसके बाद उस पर कंपनी से मिलता जुलता कलर किया।
पेकिंग में भरी अफीम को कट्टे में भरकर इतना टाइट किया गया कि हिलाने पर भी अंदर रखा ठोस हिला नहीं। बाद में पुलिस ने लोहार की मदद लेकर सिलेण्डर कटाया। तब जाकर हकीकत सामने आई। आरोपित ने पुलिस से बताया कि वह बड़ी सादड़ी के किसानों से हाल ही तैयार अफीम लेकर जा रहा था।
Published on:
11 Feb 2017 11:19 am
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