
उदयपुर/ गोगुंदा. आखिर वही हुआ, जिसका पहले से अंदेशा था। न्याय पाने के लिए सत्तारूढ़ भाजपा से उलझी नौकरशाही को फिर निराशा मिली है। गोगुंदा प्रधान पुष्कर तेली पर लगे अभद्रता, मारपीट एवं राजकार्य में बाधा के दर्ज मामले की जांच में जुटे थानाधिकारी भंवरलाल विश्नोई को लाइन हाजिर होने के साथ ही ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के संयुक्त शासन सचिव इकबाल खान ने एक आदेश जारी कर गोगुंदा विकास अधिकारी मनहर विश्नोई
को एपीओ (पदस्थापन की प्रतीक्षा में) किया।
आदेश के तहत बीडीओ के रिलीव होने से पहले उन्हें संबंधित चार्ज पंचायत समिति के वरिष्ठ अधिकारी को सौंपने के लिए निर्देशित किया गया है। इस अवधि में उनकी उपस्थिति जयपुर सुनिश्चित की गई है। प्रधान का विरोध कर रहे विकास अधिकारी संघ के पदाधिकारी भी इस आदेश को लेकर चिंतित दिखाई दिए। दूसरी ओर प्रधान के अपने समर्थक इस अवसर पर आपस में मिठाई बांटते दिखाई दिए।
पहले ही था तय
प्रधान और विकास अधिकारी के बीच कार्यालय में हुई धक्का-मुक्की, अभद्रता का मामला 9 जनवरी को सामने आया था। मामले में विकास अधिकारी के समर्थन में नौकरशाही से जुड़े संगठनों ने 6 फरवरी से तीन दिन का सामूहिक अवकाश रखकर जिले भर की पंचायत समितियों ने कार्य बहिष्कार किया। इस बीच भाजपा के ओहदेदारों ने गड़बड़ाए समीकरणों को देखते हुए 9 फरवरी को प्रधान तेली से 17 विकास अधिकारियों के सार्वजनिक मंच पर विकास अधिकारी से माफी मंगवाकर संगठनों को हड़ताल वापस लेने का दबाव बनाया। प्रधान की ओर से सार्वजनिक स्तर पर मांगी गई माफी के साथ ही सरकार स्तर पर विकास अधिकारी के तबादले की चर्चाएं तेज हो गई थी।
आदेश की पालना
सरकारी आदेश मिला है। मुझे इसकी पालना करना अनिवार्य है। व्यवस्था देखते हुए नए विकास अधिकारी के आने या फिर अधीनस्थ सहायक अभियंता को जिम्मेदारी सौंपते हुए रिलीव हो जाऊंगा। मेरा किसी से भी निजी बैर नहीं है।
मनहर विश्नोई, विकास अधिकारी, गोगुंदा
मेरा रोल नहीं
विकास अधिकारी के तबादले में मेरा कोई रोल नहीं है। यह सरकारी आदेश है। इससे पहले भी विकास अधिकारियों के तबादले हुए हैं। मैं इतना जानता हूं कि विकास कार्यों में गोगुंदा पंचायत समिति जिले में श्रेष्ठ स्थान रखती है।
पुष्कर तेली, प्रधान, गोगुंदा
Published on:
21 Feb 2018 12:15 pm
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