
इन लोगों की उम्मीदों को न जाने कब लगेंगे पंख
उदयपुर. post card campaign अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की शनिवार को हुई बैठक में कर्मचारी हितों को लेकर मंथन के साथ उदयपुर शहर को बी-२ का दर्जा दिलाने के लिए हस्ताक्षर अभियान को दिशा देने पर मंथन हुआ। सामूहिक तौर पर सभी केंद्र और प्रदेश की सरकार को हस्ताक्षर अभियान के जरिए ध्यान आकर्षित करने के लिए रणनीति बनाई। शहर की चिंता जताने वाले इन पदाधिकारियों ने स्वयं की मांगों को पूरा करने के लिए सरकार पर दबाव बनाने पर चर्चा की।
संघर्ष समिति के संयोजक दिनेश वैष्णव की मानें तो स्टेनोग्राफर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश श्रीमाली की अध्यक्षता में दो घण्टे तक चली बैठक में कार्मिकों ने उनकी मांगों को लेकर सामन्त कमेटी की ओर से सरकार को दी गई रिपोर्ट पर चर्चा की। इसकी प्रगति पर सरकार की ओर से चल रही कार्रवाई को लेकर व्यक्तव्य साझा किए। इसके बाद सभी कार्मिकों ने रिपोर्ट को प्रकाशित कर कार्मिक हित में इन सिफारिशों को लागू कराने के लिए सरकार के नुमाइंदों से बातचीत को लेकर मंथन किया। साथ ही 2013 में नियुक्त कार्मिकोंं के वेतन पर की जा रही वसूली को रोकने को कहा। संघर्ष समिति ने कई विभागों में वित्त विभाग की ओर से तोड़े जा रहे पदों को लेकर भी नाराजगी जताई। साथ ही मुख्यमंत्री को दखल देने का मुद्दा उठाया। महासंघ एकीकृत के संस्थापक भंवर सिंह राठौड़, मुख्य सलाहकार देवी लाल चौधरी संघर्ष समिति के महामंत्री प्रदीप गर्ग, स्टेनोग्राफर के प्रदेश उपाध्यक्ष लोकेन्द्र कोठारी, जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, सहायक कर्मचारी के जिलाध्यक्ष अम्बालाल मेनारिया, वन अधीनस्थ संघ जिलाध्यक्ष मुबारिक हुसैन, वाहल चालक के अध्यक्ष धूल सिंह चूण्डावत, मन्त्रालयिक कर्मचारी संघ के महामंत्री कालूलाल खोखावत, मुद्रणालय अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश चित्तौड़ा, सांख्यिकी कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष लव कुमार पारीक, संघर्ष समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोपी लाल मेनारिया, post card campaign उपाध्यक्ष रमेश पुरोहित, महासंघ के भैरूलाल शर्मा सहित दो दर्जन से अधिक संगठनों ने बैठक में शामिल होकर मांगों को समर्थन देने की बात की।
Published on:
08 Sept 2019 06:00 am
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