
लॉटरी से पहले बताएंगे कैसा होगा घर...यूआईटी पीएम-सीएम आवास योजना में करेगी बड़ा बदला
मुकेश हिंगड़/उदयपुर . मध्य व निम्न वर्गीय परिवारों के आशियाने का सपना पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना और अफोर्डेबल हाउसिंग योजना के तहत बनाए जाने वाले मकानों में उदयपुर यूआईटी बड़ा बदलाव करेगी। लॉटरी से पूर्व आवेदकों को यह जरूर बताया जाएगा कि घर किस गुणवत्ता के तैयार हो रहे हैं। प्रतिस्पर्धा और बदलाव को देखते हुए यूआईटी ने मानस बनाया है कि वह भी निजी बिल्डरों की तरह इस तरह का प्रयास शुरू करेगी।
यूआईटी नए प्रोजेक्ट से इसकी शुरुआत करेगी। चेयरमैन रवीन्द्र श्रीमाली ने यूआईटी टीम को कह दिया है कि अब जो भी प्लान हाथ में लिया जाएगा उसमें घर कैसा होगा और किस गुणवत्ता की वस्तुएं लगेंगी, उसके बारे में आवेदक को बताना होगा। ऐसा करने से मकानों की लागत बढ़ सकती है लेकिन मकान तो अच्छा बनाकर दिया जाएगा ताकि रहने वाले को आगे जाकर कुछ देखना नहीं पड़े।
ऐसा इसलिए करने का ठाना
- निजी बिल्डर्स तो मकान कैसा देंगे और उसकी गुणवत्ता कैसी होगी यह सब जानकारी ब्रॉशर्स में देते हैं फिर सरकारी मकानों में ऐसा क्यों नहीं।
- मकान का सपना देखने वाले को पहले पता चल सकेगा कि उसका घर कैसा होगा।
- ऐसा करने से प्लान पूरा होने तक बाध्यता भी हो जाएगी और उससे जब भी मकान का कब्जा देंगे तब जो वादा किया, वैसा ही दिया यह तय हो पाएगा।
हकीकत है कि बहुत कुछ बदलना होता
अफोर्डेडेबल हाउसिंग के मकान हो या हाउसिंग बोर्ड, उसमें प्रवेश से पूर्व बहुत कुछ बदलना होता है। कई मौकों पर लोग यह बात कह चुके हैं। मकान में किवाड़, नल, बिजली के स्वीच और फर्शी तक बदलनी पड़ती है।
आशियाने पर यूआईटी अभी यह काम कर रही
- अफोर्डेबल हाउसिंग योजना के लिए यूआईटी ने इस वित्तीय वर्ष में 8282 लाख रुपए का बजट रखा।
- मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत डांगियों की पंचोली में 304 ईडब्ल्यूएस फ्लेट्स
- उमरड़ा स्टेशन के पास 984 फ्लेट्स
- मेगा आवास योजनान्तर्गत बेड़वास में 1696 फ्लेट्स
- सातोड़ी मगरी बेड़वास में 464 फ्लेट्स
- मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत निजी बिल्डर्स के साथ भी कई योजनाएं चल रही हैं।
इच्छा तो बहुत है...
एक कार्यक्रम में जब यह बात उठी कि निजी बिल्डर्स तो सब कुछ बताकर मकान बेचता है कि उसमें कैसे क्या होगा और किस ब्रांड की चीजें लगेंगी। बात अच्छी लगी तो हमने भी मन बनाया कि क्यों न हम जो सरकारी मकान अब बनाएंगे, उसमें ऐसा प्रयोग शुरू करें।
- रवीन्द्र श्रीमाली, चेयरमैन यूआईटी
Published on:
31 Aug 2018 08:10 pm
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