
उदयपुर यूआईटी सचिव अरुण कुमार हासिजा शिविरों की तैयारी में जुटे।
मुकेश हिंगड़ / उदयपुर.
प्रशासन शहरों के संग शिविर को लेकर नगर विकास प्रन्यास (यूआईटी) व नगर निगम ने सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। यूआईटी में टेंट लगाने के साथ ही कैम्प का स्थान सजाया जा रहा है। शिविर को लेकर कई लोगों के आवेदन भी आए है और मुख्य रूप से शिविर के दिन ही आवेदन लिए जाएंगे। यूआईटी के अलावा नगर निगम सीमा के पट्टों को लेकर शिविर निगम की तरफ से आयोजित किए जाएंगे जिसकी तैयारियां भी हो चुकी है।
पट्टों का लक्ष्य
सरकार ने पूरे प्रदेश में दस लाख का लक्ष्य रखा तो यूआईटी ने उसी तर्ज पर दस हजार का लक्ष्य रखा। सरकार ने पहले दिन प्रदेश में एक लाख पट्टे देने के लक्ष्य की तरह यूआईटी ने पहले दिन 1 हजार का आंकड़ा रखा है।
पट्टा इसलिए जरूरी
कई ऐसे मकान है जो कृषि भूमि पर बना दिए गए या बरसों पुराने से बने है लेकिन उनके पास उस संपत्ति का पट्टा नहीं है। पट्टे के अभाव में बैंक लोन, प्रोपर्टी लोन या उसको बेचने आदि में समस्या होती है। सबसे पहले पट्टा जरूरी होता है।
बिना पट्टों वाली कॉलोनियां चिन्ह़्ित कर दी
यूआईटी ने पट्टों को लेकर ऐसी कॉलोनियां चिन्ह्ति की जिनमें लोगों के पास पट्टे नहीं है। इनमें पट्टे देने को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। सबसे पहले उनके 90-ए करने के साथ ही उनका लेआउट प्लान पास किया जाएगा। यह प्रक्रिया होते ही शिविरों में कॉलोनी वाइज तारीख तय कर दी जाएगी और उसी दिन उनको पट्टे देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
शिविर को लेकर खास बातें
- शिविर यूआईटी कैम्पस में ही लगेंगे क्योंकि यहां पर पूरा तंत्र रहेगा और तकनीकी सुविधा से भी लैस है
- शिविर में हेल्प डेस्क काम करेगी
- यूआईटी की होम डिलीवरी सर्विस की डेस्क भी स्थापित की जाएगी
- यूआईटी के फ्लैट मालिकों केा मोबाइल नंबर पर संदेश से सूचित करेंगे
पट्टे इनको देंगे
- कृषि भूमि पर बने मकानों को
- महाराणा के समय के दस्तावेजों पर
- पुरानी बसावट वाले इलाकों में
- यूआईटी के स्वयं के बनाए फ्लैट के
पट्टे की दरें
- करीब 100 से 115 रुपए स्कवायर फीट
- 17 जून 1999 से पुराने पर 30 रुपए स्कवा. फीट
इनका कहना है....
शिविर को लेकर हमारी तैयारियां पूरी हो चुकी है। बड़े स्तर पर टीम शिविर को लेकर ही काम कर रही है। हमने कई कॉलोनियों का सर्वे करवा दिया है ताकि उनको जल्दी से पट्टे दिए जा सके। लोगों को असुविधाएं नहीं हो इसके लिए हेल्प डेस्क से लेकर तमाम सुविधाएं की जा रही है। पट्टों के अलावा दूसरे कार्य कार्य भी शिविर में निस्तारित की जाए।
- अरुण हासिजा, सचिव यूआईटी उदयपुर
Updated on:
30 Sept 2021 12:04 am
Published on:
30 Sept 2021 12:02 am
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