
उदयपुर. जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए जिला कलक्टर नमित मेहता के निर्देशन में टीम ने ओगणा क्षेत्र में तीन बाल विवाह रुकवाए। बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक के.के. चंद्रवंशी ने बताया कि ओगणा थाना क्षेत्र से चाइल्ड हेल्पलाइन पर सूचना मिली। बताया कि ओगणा थाना क्षेत्र में एक परिवार अपने नाबालिग बालक और दो बालिका की शादी 6 मई 2025 को करने जा रहे है। सूचना पर त्वरित रूप से टीम गठित कर प्रशासन एवं पुलिस टीम के साथ मौके पर भेजा गया। मौके पर प्रथम दृष्ट्या लगा कि शादी की पूरी तैयारी थी, टेंट लगे हुए थे। विवाह के बारे में पूछने पर आनाकानी करने लगे। दस्तावेज देखने पर बालक की उम्र 14 वर्ष पाई गई। टीम ने परिवार को बच्चों के बालिग होने तक विवाह नहीं कराने के लिए पाबंद किया। कार्रवाई में ओगणा थाना प्रभारी रामावतार, पटवारी नाहरसिंह, तहसीलदार रणछोड़ लाल एवं चाइल्ड हेल्पलाइन टीम से शंकरलाल भोई मौजूद थे।
इधर, लसाडि़या उपखंड क्षेत्र की आरनिया गांव में शनिवार को प्रशासन ने बाल विवाह रुकवाया। लसाड़िया तहसीलदार रामजीलाल गुर्जर ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग उदयपुर से प्राप्त सूचना के आधार पर कूण थानाधिकारी नीलेश कुमार मीणा, महिला एवं बाल विकास से आए प्रतिनिधि के साथ राजस्व ग्राम आरनिया पहुंचे। जहां एक व्यक्ति अपनी नाबालिग पुत्री की शादी करवा रहे थे। पुत्री की उम्र 17 वर्ष थी, जिस पर बाल विवाह को रुकवाकर नाबालिग बच्ची के माता-पिता व पड़ोसियों को पाबंद किया। इस पर घर वालों ने अपनी सहमति प्रदान की और आश्वस्त किया कि अपनी पुत्री का बाल विवाह नहीं करेंगे। बाद में मौका पर्चा बनाया गया। मौके पर सभी को विवाह योग्य उम्र से पहले नहीं करवाने की अपील की गई।
Updated on:
04 May 2025 07:45 pm
Published on:
04 May 2025 07:45 pm
