
फलासिया. हाल ही में एसटी-एससी वर्ग की ओर से करवाए गए भारत बंद के बाद विपरीत असर भी देखे जा रहे हैं। फलासिया पंचायत समिति मुख्यालय पर जनजाति वर्ग के व्यक्ति का स्कूल भारत बंद के बाद नहीं खुला। स्कूल संचालक ने तहसीलदार को शिकायत की है कि बंद को समर्थन देने पर भवन मालिक ने स्कूल संचालन से इनकार कर दिया। जिस भवन में स्कूल चल रहा था, उसका मालिक सामान्य वर्ग से है। इधर, भवन मालिक का कहना है कि बंद को समर्थन देने की कोई बात नहीं है। भवन का किराया तीन माह से बाकी चल रहा था, इसलिए स्कूल संचालन बंद करवाया। स्कूल में ढाई सौ से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनकी पढ़ाई अधर में पड़ गई है।
मामला फलासिया पंचायत समिति मुख्यालय पर संचालित मेवाड़ पब्लिक माध्यमिक विद्यालय का है। संस्था प्रधान रमेशचन्द्र ने सोमवार को तहसीलदार को बताया कि स्कूल गजेन्द्र कुमार धन्नावत के भवन में किराए पर संचालित हो रहा था। दो अप्रेल को भारत बंद के दौरान मकान मालिक ने भवन पर ताला लगा दिया। कारण पूछने पर मालिक ने जातिवाद की बात कही और ताला खोलने से इनकार कर दिया। भवन पर ताला लगा होने से विद्यालय रिकॉर्ड भी अंदर ही है। तहसीलदार ने जांच करवाकर शिक्षण व्यवस्था कराने की बात कही। शिकायतकर्ताओं में संस्थाप्रधान रमेशचन्द्र, फलासिया उपप्रधान विजयप्रकाश वडेरा, सरपंच संघ के पूर्व अध्यक्ष रूपलाल वाहिया, एबीईईओ लालूराम भजात आदि शामिल थे।
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बेरोजगार आयुष नर्सेज की कार्यकारिणी गठित
उदयपुर. बेरोजगार आयुष नर्सेज की बैठक सोमवार को मोहता पार्क में हुई, इसमें संभाग स्तर पर कार्यकारिणी का गठन हुआ। आयुर्वेद नर्स कम्पाउंडर के अध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद रेगर, उपाध्यक्ष लक्ष्मीलाल, सभा अध्यक्ष कैलाश खांट, संरक्षक नरेंद्रसिंह, मीडिया प्रभारी दिनेश मेघवाल, संगठन मंत्री दुर्गाशंकर पारगी को चुना गया। इस दौरान बेरोजगार आयुष नर्सेज की ओर से भर्ती की मांग को लेकर कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
Published on:
10 Apr 2018 02:18 pm
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