
वादों के फोरलेन पर हर साल लगता रहा हादसों का कलंक
मुकेश हिंगड़/उदयपुर . कांग्रेस वर्र्किग कमेटी के सदस्य व पूर्व सांसद रघुवीर सिंह मीणा के सामने पार्टी की बागी पूर्व प्रधान रेशमा मीणा डटी हुई। कांग्रेस ने पूरा जोर लगा दिया लेकिन नामांकन उठाने की तय समय सीमा गुजरने तक रेशमा से सम्पर्क ही नहीं हो सका। उल्लेखनीय है कि जब पार्टी ने रघुवीर सिंह मीणा को प्रत्याशी बनाया तो रेशमा व समर्थकों ने निर्दलीय लडऩे का निर्णय किया और नामांकन भर दिया। कांग्रेस नेता रेशमा को मनाने के लिए पिछले दो दिन से प्रयास कर रहे थे। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व मंत्री सीपी जोशी, सह प्रभारी तरुण कुमार, देहात अध्यक्ष लालसिंह झाला व ख्यालीलाल सुहालका व रघुवीर समर्थकों ने पूरा प्रयास किया लेकिन सबके सामने यह मुश्किल थी कि रेशमा व उसके परिजनों के मोबाइल स्विच ऑफ थे। नामांकन के बाद रेशमा कहां थी, इसका कांग्रेस को पता नहीं चल पाया।
नाना के सामने से हटे शंकर
खेरवाड़ा. खेरवाड़ा विधानसभा से भाजपा से बागी होकर निर्दलीय नामांकन भरने वाले शंकरलाल खराड़ी ने नामांकन वापस ले लिया। सांसद अर्जुनलाल मीणा व अन्य संगठन पदाधिकारियों की समझाइश काम आई। शंकर ने पर्चा उठाने के बाद कहा कि वह पार्टी के अनुशासित सिपाही है और पार्टी के लिए कार्य करेंगे। बता देंगे पार्टी ने पहले तो शंकर को ही टिकट दिया था लेकिन नामांकन की अंतिम तारीख को पार्टी ने नानालाल अहारी को ही टिकट दे दिया।
कसोटा ने भी उठाया पर्चा
झाड़ोल. विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी सुनील भजात के नामांकन भरा लेकिन शंभूलाल कसोटा ने भी निर्दलीय पर्चा भर दिया, शंभूलाल विधायक हीरालाल दरांगी के खास है। उनको दरांगी से लेकर कई कार्यकर्ताओं ने समझाया। कसोटा ने नामांकन वापस ले ही लिया है।
Published on:
23 Nov 2018, 2:43 PM IST
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