
उदयपुर ग्रामीण : विकास व व्यवहार के दम पर झुके, बाहरी पर टांग-खिंचाई....
मुकेश हिंगड़/उदयपुर. फूलसिंह मीणा के नाम को लेकर पिछले दिनों ही विरोध बढ़ गया था और उनको बाहरी बताया गया, मीणा ने भी ऐसे ऐसे माहौल में अपने आप को मजबूत करते हुए गुलाबचंद कटारिया को थाम लिया। वैसे स्वयं मुख्यमंत्री भी मीणा को पसंद करती है लेकिन मुख्यमंत्री के सामने दूसरे दावेदारों की ताकत भी ज्यादा थी। मीणा ने अपने पांच साल के कामकाज में मादड़ी अंडरपास, एकलिंगपुरा अंडरपास, सूखानाका पुलिया, बलीचा-प्रतापनगर बाइपास चौड़ा करने सहित काम गिनाए और फिर जनता के बीच विकास के मुद्दे को लेकर जाना तय किया है। मीणा की सीट पर भाजपा के प्रदेश स्तरीय नेता चुन्नीलाल गरासिया की नजर थी लेकिन कटारिया ने पूरा मन भी बना लिया था और मीणा का नाम उन्होंने चलाया। मीणा नगर निगम के पार्षद से सीधे विधायक बने और अब दुबारा फिर पार्टी ने उनको इसी सीट से मौका दिया है। मीणा के कार्यकर्ता उनके कामों को लेकर जनता के बीच जाएंगे। अब भाजपा पदाधिकारी उनके नामांकन भरने की तारीख निकालने की तैयारी की जा रही है।
घर छोड़ रात को कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे
वैसै फूलसिंह मीणा पूरे आश्वस्त थे और जैसे ही सूचना मिली की उनको टिकट मिल गया तो रात को वे घर थे। वे घर से सीधे कार्यकर्ताओं के बुलावे पर सीधे गोवर्धन विलास पहुंचे। वहां पर मीणा को मिठाई खिलाते हुए कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाते हुए उनको फूल-मालाओं से लाद मिठाई खिलाई।
प्रत्याशी का ‘आधार’
आमदनी: ठेकेदारी
सोशल मीडिया: फेसबुक पेज पर 2408 लाइक्स, ट्विटर पर 38 हजार फॉलोवर।
पहचान: जमीनी नेता, साधारण व्यक्तित्व
अनुभव: एसटी मोर्चा प्रदेश मंत्री, चार बार जिला मंत्री, पार्षद व यूआईटी ट्रस्टी रहे।
कोर टीम: प्रमोद सामर, तख्तसिंह शक्तावत, अमृत मेनारिया
अक्सर कहां मिलते हैं: भाजपा पार्टी कार्यालय व उनके निवास पर।
जीत का अंतर 13,764
फूलसिंह मीणा 78,561
सज्जन कटारा 64,797
Published on:
12 Nov 2018 04:54 pm
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