23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan Budget 2022 : कटारिया बोले एक बार पुराने तीनों बजट उठाकर देख लीजिए कितना क्या किया

राज्य बजट Rajasthan Budget 2022

2 min read
Google source verification
gulab_chand_kataria_and_cm_ghlot.jpg

,,

Rajasthan Budget 2022 : राजस्थान विधानसभा में बुधवार को राज्य बजट पेश होगा। बजट से उदयपुर को बहुत उम्मीदें है। विपक्ष का आरोप है कि देवास के अगले चरण को लेकर पिछले बजट में की जो सर्वे की घोषणा की वह भी जमीन पर पूरी नहीं हुई।
विस में नेता प्रतिपक्ष व उदयपुर शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया Gulab Chand Katria ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि इस सरकार के तीन पुराने बजट में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत Ashok Gehlot ने जो घोषणाएं की वह उठाकर देख लीजिए जमीन पर नहीं उतरी है। उदयपुर की ही बात करें तो 251 करोड़ रुपए जयसमंद झील की योजना को मिला वह खर्च नहीं हुआ है, 50 करोड़ ट्रैफिक के लिए दिया उसका काम कही दिखा नहीं।

कटारिया ने कहा कि देवास थर्ड व फोर्थ के सर्वे के लिए कहा लेकिन धरातल पर कुछ नहीं है। पहली बार कषि बजट ला रहे है अच्छी बात है, सुनने में यह शब्द अच्छा लगता है लेकिन किसान को मिलेगा क्या यह देखने वाली बात है।

इधर, धरियावद से कांग्रेस विधायक नगराज मीणा ने कहा कि किसानों के लिए मुख्यमंत्री चिंतित है और किसान बजट में किसानों को बहुत कुछ देंगे यह उम्मीद है। धरियावद के लिए जो दिया वह पूरा किया है और इस बजट से आम जनता की उम्मीदें पूरी होगी।

कर्मचारियों की उम्मीदें

सरकार को पूर्व भाजपा सरकार में लागू किये गये 2017 के कटौती आदेश को वापस लेने की घोषणा करनी चाहिए। ए.सी.पी. 9, 18, 27 के स्थान पर 8, 16, 24, 32, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, वर्ष 2020 से जून 21 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियो को केंद्र के अनुरूप ग्रेच्युटी व लिव इनकेशमेंट पर केंद्र के अनुरूप एरियर का भुगतान की घोषणा करनी चाहिए।

- ओमप्रकाश श्रीमाली, कर्मचारी नेता

बजट से अपेक्षा

उदयपुर की सभी झीलों तथा तालाबों के समग्र विकास की योजना घोषित की जाए। उदयपुर में सबसे ज्यादा खनिज आधारित उद्योग है। अप्रधान खनिज परिवहन के लिए टीपी व्यवस्था लागू है जिसमें बहुत खामियां है जिनको दूर करें। टीपी के नाम पर उद्योगों को खान विभाग के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवा पोर्टल शुल्क लेने की तैयारी कर उद्यमियों को परेशान किया जा रहा है। बजट इस व्यवस्था को लागू न करने की घोषणा की जाए।

- मनोज जोशी, अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती