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मंच पर गहराई नवाचारों के प्रयोग की आवश्यकता, राष्ट्रीय संगोष्ठी में सस्य वैज्ञानिकों के बीच हुआ मंथन

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मंच पर गहराई नवाचारों के प्रयोग की आवश्यकता, राष्ट्रीय संगोष्ठी में सस्य वैज्ञानिकों के बीच हुआ मंथन

उदयपुर. महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय के संघटक राजस्थान कृषि महाविद्यालय में बदलते परिदृश्य में शस्य विज्ञान हस्तक्षेपों के माध्यम से किसानों की आय को दोगुना करने विषय पर इण्डियन सोसायटी ऑफ एग्रोनोमी (आईएसए) की तीन दिवसीय 21 वीं राष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन शस्य वैज्ञानिकों ने मंच के माध्यम से किसानों के हित में नवाचारों के प्रयोग की आवश्यकता जताई। आईएसए के अध्यक्ष डॉ. अभय व्यास ने मंच के माध्यम से विचार व्यक्त किए। बड़ी संख्या में उपस्थित वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों ने कार्यक्रम को संबोधित किया। स्थानीय आयोजन सचिव डॉ. वीरेन्द्र नेपालिया ने बताया कि शुक्रवार को प्रस्तावित समापन समारोह के मुख्य अतिथि एमपीयूएटी के पूर्व कुलपति डॉ. एसएल मेहता होंगे। अध्यक्षता की अध्यक्षता भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उपमहानिदेशक एकेसिंह करेंगे। समापन कार्यक्रम आरसीए के नूतन सभागार में सुबह ११.३० बजे होगा।

सुबोध व स्नेहलता सदस्य मनोनीत
महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रबंध मंडल में दो नए सदस्यों को जगह दी गई है। कुलपति प्रो. उमाशंकर शर्मा की अनुशंसा पर प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. स्नेहलता माहेश्वरी एवं मात्स्यकी महाविद्यालय अधिष्ठाता डॉ. सुबोध कुमार शर्मा को विवि प्रबंध मंडल में सदस्य मनोनीत किया गया।