
हत्या और दुष्कर्म मामले में कोर्ट का फैसला (फोटो पत्रिका नेटवर्क)
उदयपुर: युवक की हत्या और किशोरी से बलात्कार करने वाले दो भाइयों में से न्यायालय ने एक को मरते दम तक सलाखों में रखने के आदेश दिए। साथ ही दूसरे को भाई के साथ ही उम्रकैद की सजा सुनाई।
गत दिनों ग्रामीण थाना क्षेत्र में एक 16 वर्षीय किशोरी की अपहरण की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि अशोक उर्फ अश्विन गरासिया अपने भाई बलवीर उर्फ प्रवीण गरासिया के साथ मिलकर किशोरी को शादी की नियत से भगा ले गया। आरोपी ने किशोरी को डूंगरपुर क्षेत्र में अपने मामा शंकरलाल और मामी गंगा देवी गरासिया के घर बंधक रखा। जहां अशोक ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया।
इस दौरान विरोध करने पर रिश्तेदार लोकेश के साथ मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध हत्या, अपहरण और पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया। आरोप पत्र पेश होने पर विशिष्ट लोक अभियोजक पूनम चंद मीणा ने आवश्यक साक्ष्य और दस्तावेज पेश किए। आरोप सिद्ध होने पर पॉक्सो-1 के पीठासीन अधिकारी अरुण जैन ने अशोक को पॉक्सो एक्ट में मरते दम तक कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
हत्या के मामले में उसे और उसके भाई बलवीर को धारा-302 व विभिन्न धारा में उम्रकैद व डेढ़-डेढ़ लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में सहआरोपी शंकरलाल और गंगादेवी को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया।
न्यायालय ने अपने निर्णय में कड़ी टिप्पणी करते हुए लिखा कि दोनों भाइयों ने युवक की हत्या और नाबालिग से दुष्कर्म का गंभीर अपराध कारित किया है। वर्तमान में समाज में नाबालिग के साथ लैंगिक अपराधों की घटनाओं में निरंतर वृद्धि हो रही है। ऐसे मामलों में नरमी की जाएगी तो समाज में गलत संदेश जाएगा।
Updated on:
10 Jun 2025 11:14 am
Published on:
10 Jun 2025 11:13 am
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