
90 Thousand Criminals will Not Allow For Voting in Rajasthan election
भुवनेश पंड्या/ उदयपुर. गुरु और शुक्र का स्थान परिवर्तन आगामी विधानसभा के चुनावी समीकरणों पर भारी पडेग़ा। ज्योतिष की नजर से देखे तो चंद महीनों में पूरे चुनावी गणित ही बदल जाएंगे। अब तक जो धूम चल रही है, उसके उलटने की स्थिति बन सकती है। ज्योतिष गुरु पंडित निरंजन भट्ट कहते हैं कि कुछ समय में आपराधिक माहौल पर लगाम तो लगेगी, लेकिन यह समय जैसे कुछ क्षणों का ही रहेगा।
वर्ष भर गुरु व शुक्र एक ही राशि में भ्रमण कर रहे हैं, अभी दोनों तुला राशि में हैं, शुक्र स्वाति नक्षत्र का था जबकि गुरु विशाखा नक्षत्र का था, इसे गुरु चांडाल योग भी कहा जाता है, गुरु धर्म कर्म होने से मौन साधे बैठ गया था, यानी योग निद्रा में चला गया तो दूसरी ओर शुक्र राहू के नक्षत्र में होने से हावी हो वक्री बन तुला राशि में भ्रमण करा है। राहू का कर्म है उत्पात मचाना। इसमें ये कहा जाता है कि जब बड़े मौन धारण तो उत्पात शुरू होते हैं। इसी कारण से अपराधों में बढ़ोतरी, चोरी डकैती सामने आई, इसका मुख्य कारण राहू है। इसी कारण अच्छे नेताओं की मंशा दबी रही। शुक्र दूसरे गृह का मालिक होने से आपसी विवाद होने की स्थिति भी खूब बनी।
कुछ यूं होगा असर
गुरु 11 अक्टूबर को वृश्चिक राशि में चला जाएगा, इससे शांति रहेगी, लेकिन यह शांति ज्यादा दिन नहीं रहेगी। यानी ये चलित माह केवल सपने दिखाएगा, किसी प्रकार की विशेष उठा पटक इसमें नहीं होगी, लेकिन जैसे ही 14 नवम्बर होगा तो शुक्र घर बदलकर वृश्चिक राशि में चला जाएगा। ये समय संक्रमण काल हो जाएगा। ऐसे में चुनावी समीकरण पर शुक्र खूब नाच नचवाएगा। बुरे हाल 29 मार्च से 22 अप्रेल 2019 तक होंगे। इस समय में गुरु अतिचारी हो जाएगा। इसका प्रभाव खराब होगा, जनता परेशान रहेगी। चुनाव परिणामों पर भी इसका खासा असर होगा।
Published on:
03 Oct 2018 01:48 pm
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