
udaipur
उदयपुर।राणा प्रतापनगर रेलवे स्टेशन पर रेलवे प्रबंधन और यूआईटी मिलकर प्रवेश और निकासी मार्गों की सुध तो लेने लगे हैं, लेकिन इसके साथ ही एेतिहासिक स्टेशन पर कई अन्य समस्याएं भी हैं, जिन्हें दूर करने की आवश्यकता है। लोगों का कहना है कि इस एेतिहासिक रेलवे स्टेशन से शहर की आधी आबादी जुड़ी है, लेकिन अब तक इस स्टेशन की उपेक्षा ही होती रही है। एेसे में रेलवे प्रबंधन को इस स्टेशन की ओर अधिक ध्यान देना चाहिए। यह स्टेशन शहर का पहला रेलवे स्टेशन होने के साथ ही एेतिहासिक भी है। यहां अंग्रेजों के समय में व्याप्त सुविधाओं के मुकाबले आज की परिस्थिति में बहुत कुछ करने की आवश्यकता है। लगातार उपेक्षा के चलते इस स्टेशन का विकास नहीं हो पाया।
अब भी है समस्याओं का अम्बार
इस स्टेशन पर लोको पायलट क्वार्टर की भूमि खाली पड़ी है। इसके साथ ही इसकी चारदीवारी भी क्षतिग्रस्त हो रही है। एेसे में स्टेशन में मवेशियों के प्रवेश के साथ ही कई जगह समाजकंटकों का जमावड़ा भी है। स्टेशन के खाली और जर्जर भवनों में पहले भी हत्या जैसे जघन्य अपराध हो चुके हैं। स्टेशन के पार्र्किंग स्थलों पर शेड की सुविधा नहीं होने के साथ ही ये भी खुले में कच्ची भूमि पर है। एेसे में यहां झाडि़यां उग आई है। खाली पड़े भूखंडों पर पार्क विकसित कर इसकी सुंदरता को बढ़ाने की जरूरत है।
स्टेशन पर पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है। प्लेट फार्म पर एक जगह नल लगे हुए हैं। इसके बाहर यात्रियों के लिए पानी की सुविधा नहीं है। इसके साथ ही यात्रियों के लिए बाहर और अंदर शौचालय बनाने की आवश्यकता है। यहां जीआरपी जवानों के लिए बने क्वार्टर काफी पुराने होने के साथ ही जर्जर है।
