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पुला कच्ची बस्ती में दिखा दुर्लभ ब्लैक हेडेड रॉयल स्नेक

अमूमन मेवाड़ में नहीं पाया जाता यह सांप

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video : पुला कच्ची बस्ती में दिखा दुर्लभ ब्लैक हेडेड रॉयल स्नेक

video : पुला कच्ची बस्ती में दिखा दुर्लभ ब्लैक हेडेड रॉयल स्नेक

उदयपुर. शहर की एक बस्ती में मंगलवार को ब्लैक हेडेड रॉयल स्नेक पाया गया। जानकारों के अनुसार यह प्रजाति पश्चिमी राजस्थान में पाई जाती है, ऐसे में मेवाड़ में इसका पाया जाना दुर्लभ है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह 9 बजे सेव एनिमल रेस्क्यू टीम के पास पुला कच्ची बस्ती स्थित एक घर में अजीब सांप दिखाई देने की सूचना मिली। इस पर प्रकाश गमेती ने टीम के साथ मौके पर जाकर सांप का रेस्क्यू किया। सांप के बारे में जानकारी न होने पर टीम ने विशेषज्ञ भानुप्रताप सिंह को बताया तो उन्होंने जानकारी दी कि यह ब्लैक हेडेड रॉयल स्नेक है और यह सांप आम तौर पर मेवाड़ में नहीं पाया जाता है। सिंह के अनुसार हिन्दी में इसे रजतबंसी कहा जाता है, यह सांप सीकर, बीकानेर, बाड़मेर, जोधपुर और जैसलमेर जैसे इलाकों में पाया जाता है। उन्होंने बताया कि उदयपुर में इस सांप का मिलना बहुत अनोखी बात है। उन्होंने बताया कि सांप के संबंध में विस्तृत जानकारी संकलित कर इस सांप को वन विभाग के सहायक वनपाल भेरूलाल गाडरी के निर्देशन में सुरक्षित वन क्षेत्र में मुक्त किया गया।

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पश्चिम भारत का प्रतिष्ठित सांप है : डॉ. शर्मा
ख्यातनाम पर्यावरणविद डॉ. सतीश शर्मा ने बताया कि ब्लैक-हेडेड रॉयल स्नेक देश के सबसे बड़े कोलुब्रिड परिवार के सदस्यों में से एक है। 2 मीटर तक के आकार और पीले-नारंगी और काले रंग के शरीर की सुंदर उपस्थिति के साथ यह प्रजाति पश्चिमी भारत के लिए प्रतिष्ठित सांप मानी जाती है। उदयपुर में इसका देखा जाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि अपने संपूर्ण जीवन में यह सांप तीन अलग-अलग रंग पैटर्न में देखा जाता है। इसमें वयस्कों को पूरे शरीर में कम या ज्यादा काले धब्बों के साथ लाल-भूरे या नारंगी रंग के द्वारा आसानी से पहचाना जा सकता है। इसका शरीर पतला और छिले हुए शल्कों से ढका होता है। यह जीवन के विभिन्न चरणों में भिन्नताएं दर्शाता है।