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उदयपुर. बॉलीवुड स्टार इरफान खान के निधन के बाद ही अभिनेता ऋषि कपूर की मौत की खबर ने फिल्म जगत को शोक में डुुबो दिया। गुरुवार को दिन की शुरुआत में ऋषि के निधन की खबर सुन फैंस की आंखें नम हो गई। कभी शूटिंग तो कभी शादी-समारोह में शामिल होने ऋषि उदयपुर भी कई बार आ चुके हैं। उन्हें चाहने वाले लेकसिटी के फैंस के अनुसार वे मस्तमौला, उत्साही और हमेशा मुस्कुराते रहने वाले इंसान थे। जिस तरह उदयपुर ने इरफान खान को दिल में जगह दी, उसी तरह ऋषि भी उदयपुर की यादों में जिंदा रहेंगे।
तीन साल पहले आए थे उदयपुर
ऋषि कपूर फरवरी 2017 में एक्टर नील नितिन मुकेश की शादी में शरीक होने उदयपुर आए थे। संगीत सेरेमनी में उन्होंने ‘मैं शायर तो नहीं’ गाकर सभी का दिल जीत लिया। इसके अलावा भी अपनी फिल्मों के कई गाने नितिन मुकेश के साथ गाए थे। वे श्रीनाथजी के दर्शन करने नाथद्वारा भी गए थे। यहां अपनी किताब ‘खुल्लमखुल्ला’ की एक प्रति भी भेंट की थी।
‘साजन का घर’ की शूटिंग हुई थी 1994 में
उदयपुर में ऋषि कपूर फिल्म ‘साजन का घर’ की शूटिंग के लिए उदयपुर आए थे। शूटिंग को याद करते हुए राजस्थान लाइन प्रोड्यूसर अनिल मेहता ने बताया कि वे उस समय 17-18 साल के थे। तब उनके पिता भवदत्त मेहता शूटिंग का जरूरी काम संभालते थे। उस समय ऋषि कपूर से मिलने का मौका मिला। वे उत्साही और जोश से भरे इंसान थे। फिल्म की शूटिंग बड़ी तालाब, जयसमंद, सहेलियों की बाड़ी, नेहरू गार्डन पर हुई थी।
मोरारी बापू और पालीवाल ने दी श्रद्धांजलि
मोरारी बापू ने ऋ षि कपूर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि कपूर कुल ने अपने क्षेत्र में बहुत ही योगदान देकर राष्ट्रसेवा की है। उसी कुल के ऋषि ने विदा होने की खबर मिली। मैं पूरे अंत:करण से श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा हूं। आप के निर्वाण को मेरा प्रणाम, राम सुमिरन के साथ। मिराज समूह के चैयरमेन मदन पालीवाल ने भी अभिनेता ऋषि कपूर के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। कहा कि सिनेमा जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। मेरे पारिवारिक मित्र अभिनेता ऋषि का निधन दु:खद है। ऋषि का उदयपुर और नाथद्वारा से लगाव था। 8 फरवरी 2017 को भी उनके साथ आत्मिक मुलाकात हुई थी। वे विशालकाय शिव प्रतिमा देखने भी मिराज ग्रुप के एमडी मदन पालीवाल के साथ पहुंचे थे।
जब ऋषि ने छू लिए पुजारी के पैर
ऋषि कपूर के साथ जुड़ी यादें बताते हुए दिनेश कोठारी ने कहा कि वर्ष 2017 में वे श्रीनाथजी के दर्शन करने आए थे। उस समय वे टेंपल बोर्ड सीईओ थे। दिनभर उनके साथ ही रहे। उन्होंने तीन बार कुल्हड़ में चाय मांग कर पी। वहीं, जब एक पुजारी ने कहा, मैंने आपके दादा पृथ्वीराज कपूर को भी दर्शन करवाए थे तो ऋषि कपूर ने उस पुजारी के पैर छू लिए। ये दृश्य मेरे दिल को भी छू गया।
हनुमान प्रतिमा देख हुए चकित
अंतरराष्ट्रीय शिल्पकार वकार हुसैन ने कहा कि यों तो कई बार ऋषि कपूर से मिलने का मौका मिला, लेकिन सबसे यादगार मुलाकार मिराज ग्रुप चेयरमैन पालीवाल के साथ हुई। मौका था संत मोरारी बापू की कथा का। उन्होंने कहा ‘लैला-मजनू’ के समय से मेरा राजस्थान से नाता रहा है। उदयपुर में कई फिल्में शूट हुई, जिनमें ‘घर-संसार’ उल्लेखनीय है। जब हमने उन्हें अपनी बनाई हनुमान प्रतिमा बताई तो आश्चर्यचकित हो गए। उन्होंने जो सम्मान दिया हमेशा याद रहेगा।
Published on:
01 May 2020 07:48 pm
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