
आरएनटी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कर रहे दो स्टूडेंट्स के परीक्षा में बैक लगा तो उन्होंने महिला प्रोफेसर का नंबर प्रेंक कॉल के लिए सोशल मीडिया पर डाल दिया। प्रोफेसर के फोन पर लगातार अनर्गल फोन कॉल आने लगे। समझाइश के बाद भी जब छात्र नहीं माने तो पुलिस ने उन्हें शांतिभंग में गिरफ्तार कर पाबंद करवाया।
थानाधिकारी आदर्श कुमार ने बताया कि सोमवार को प्रार्थिया ने रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि वे आरएनटी मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर हैं। उनके फोन पर 23 मार्च तड़के 3 बजे के करीब अज्ञात नंबर से विदेशी कॉल आया था। जो उन्होंने नहीं उठाया। इसके बाद शाम तक रह-रहकर कॉल और वाट्सएप पर मैसेज आने लगे। ये कॉल डेटींग जैसी बात करने वालो के कॉल प्रतीत हुए। शाम को एक कॉल से यह सूचना मिली कि मेरा नंबर किसी ने सोशल मीडिया पर प्रेंक कॉल्स के लिए पोस्ट किया है।
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उसी कॉल करने वाले ने इस इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीन शॉट भेजा। इससे यह पता चला कि यह काम बैच 2022 आरएनटी मेडिकल कॉलेज के सेकंड इयर के दो विद्यार्थियों ने किया है। इस पर अस्पताल पुलिस चौकी पर सम्पर्क किया तथा उन्हें पूर्ण घटना की सूचना दी। इस पर उस विद्यार्थी को मौखिक पाबंद करवाया कि वह यह पोस्ट सोशल प्लेटफार्म से हटा लेवें। फिर भी कॉल आने पर 25 मार्च को साइबर सेल में कम्प्लेन दर्ज करवाई। थानाधिकारी ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए प्राप्त रिपोर्ट पर परिवाद दर्ज करा कांस्टेबल धर्मपाल को जांच सौंपी। दोनों आरोपियों को तलब किया और परिवादिया के मोबाइल नंबर को सोशल प्लेटफार्म आईडी पर डालने के कारणों के बारे में पूछा तो बताया कि जिस विषय को परिवादिया पढ़ाती थी उसी में सप्लीमेंट्री आने के कारण होली से दो दिन पूर्व उनके नंबर सोशल मीडिया पर डाल दिए।
समझाइश पर भी नहीं माने आरोपी
आरोपियों को बार-बार समझाने पर भी नहीं माने और परिवादिया को पुलिस के सामने धमकाने लगे। इसके बावजूद परिवादिया ने उनके भविष्य को देखते हुए बड़ी कार्रवाई के लिए इनकार करते हुए केवल पाबंद करने को कहा। इस पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को शांतिभंग में गिरफ्तार किया और एडीएम शहर के समक्ष पेश कर पाबंद करवाया।
Published on:
03 Apr 2024 02:28 pm
