
रोडवेज हड़ताल से दो दिन में उदयपुर आगार को 30 लाख के राजस्व का नुकसान, यात्री भी हो रहे परेशान
धीरेंद्र जोशी/ उदयपुर. राजस्थान पथ परिवहन निगम के कर्मचारी संगठनों के संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर दो दिवसीय हड़ताल के चलते गुरुवार को भी बसों के चक्के थमे रहे। दो दिन में उदयपुर आगार को 30 लाख का राजस्व का नुकसान हुआ। वहीं दिन में यात्रा करने के इच्छुक कई यात्री भटकते रहे। लोगों काेे परेशानी का सामना करना पड़़ रहा है।
हड़ताल के चलते बस स्टैंड के उदियापोल वाले मार्ग और पीछे साठ फीट मार्ग पर बसों को आड़ा तिरछा खड़ा कर बंद किया गया। संयुक्त संघर्ष समिति परिवहन निगम के बैनर तले गुरुवार को रोडवेज कर्मियों ने प्रदर्शन किया। बस स्टैंड परिसर से रैली के रूप में कर्मचारी नारेबाजी करते हुए निकले। उदियापोल चौराहे का चक्कर लगाते हुए पुन: बस स्टैंड पहुंचे। यहां धरना दिया गया। प्रतिनिधियों ने जयपुर में प्रबंधन के साथ चल रही वार्ता की जानकारी देते हुए सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन जारी रखने की बात कही। इस अवसर पर एटक से अनिस मोहम्मद, कौशल्या भट्ट, कपिल शर्मा, इंटक के लाभचंद खटीक, भूवनेश्वरी राणावत, पूनम पूर्बिया, सीटू के नरेंद्र बेनीवाल, रिटायर्ड एसोसिएशन के सोहनलाल यादव, लक्ष्मीलाल जैन, सुरेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे। उदयपुर आगार के मुख्य प्रबंधक महेश उपाध्याय ने बताया कि हड़ताल के चलते गुरुवार को किसी भी वाहन का संचालन नहीं हो पाया। बस स्टैंड से उदयपुर आगार की119 और अन्य आगार की करीब 600 बसों का संचालन प्रतिदिन होता है। हड़ताल के चलते कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। ऐसे में एक भी वाहन का संचालन गुरुवार को नहीं हुआ।
दिन में नहीं मिलती बसें
शहर में ट्रावेल्स की बसों का आवागमन सुबह 8 से रात 9 बजे तक प्रतिबंधित है। ऐसे में इस दौरान सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी हुई।
Published on:
27 Jul 2018 02:44 pm
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