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सगसजी का जन्मोत्सव : उदयपुर में सजा दाता का दरबार, उमड़ा श्रद्धा का ज्‍वार

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सगसजी का जन्मोत्सव : उदयपुर में सजा दाता का दरबार, उमड़ा श्रद्धा का ज्‍वार

धीरेंद्र जोशी/ उदयपुर. सगसजी का जन्मोत्सव शुक्रवार को हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर के विभिन्न स्थानकों पर सुबह से श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ रही। मंदिरों पर रह-रहकर दिनभर कतारें लगती रही। पूजा-हवन के साथ ही शाम को भजन संध्याओं का आयोजन हुआ।

मेवाड़ के जन-जन की आस्था के केंद्र लोकदेवता सगसजी का जन्मोत्सव शुक्रवार को मनाया गया। शहर के सर्वऋतु विलास, कंवरपदा, कुम्हारों का भट्टा, गुलाबबाग, मामाजी की हवेली, पिछोली, करजाली हाउस, वारियों की घाटी, उदियापोल, महासतिया, वारियों की पोल, जोगपोल सहित अन्य सगसजी के स्थानकों पर विशेष धार्मिक आयोजन हुए। इन स्थानकों पर सुबह से श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ रही। सर्वऋतु विलास स्थित सगसजी मंदिर पर सुबह सात बजे से जन्मोत्सव के दर्शन शुरू हुए। जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में बावजी को अलसुबह ही विशेष शृंगार धराया गया। सुबह 9.30 बजे ध्वजारोहण, शृंगार एवं भोग आरती हुई। मंदिर पर दोपहर में महिला श्रद्धालुओं के दर्शनों की विशेष व्यवस्था की गई थी। मंदिर शाम को पुरुष एवं महिलाओं के क्रमवार दर्शनों की व्यवस्था की गई। जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में बावजी को 51 किलो मावे का केक भी भोग लगाया गया। सेवाधर्म सोसायटी की ओर से 1100 और सगसजी रोड व्यापार संघ की ओर से 501 किलो प्रसाद वितरित किया गया। पुजारी धर्मनारायण दशोरा ने बताया कि 18 अगस्त को भी बावजी के जन्मोत्सव के शृंगार के दर्शन होंगे।

भजनों ने मोहा
सर्वऋतु विलास सगसजी मंदिर में रात को भजन संध्या हुई। इसमें भजन गायक महेन्द्र अलबेला-कोटा, ज्योति प्रजापति-बारा, रूपाली-जबलपुर, आशु बृजवासी आदि ने भजनों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी। इस दौरान दर्शन के लिए कतार में खड़े भक्तों सहित अन्य श्रद्धालुओं ने भजनों का भरपूर आनंद लिया। पुजारी प्रकाश चंद्र दशोरा ने बताया कि शनिवार रात को अहमदाबाद के कव्वाल रफीक भाई एवं पार्टी की ओर से कव्वालियों की प्रस्तुति दी जाएगी।

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कुम्हारों को भट्टा : भीमसिंहजी
कुम्हारों का भट्टा स्थित भीमसिंहजी सगसजी बावजी मंदिर में सुबह ८.१५ बजे चौकी हुई। शाम को ७.१५ बजे आरती हुई। मंदिर में श्रीकृष्ण, श्रीनाथजी, शिवजी आदि की सुंदर झांकियां लगाई गई। दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त सुबह से शाम तक मंदिर पहुंचे। शाम को मंदिर में दर्शन करने वालों की कतारें लगी। रात को हर एक सांस दाता के नाम भजन संध्या में जोधपुर के बाबा माहिनुद्दीन मनचल एंड पार्टी ने भजनों की प्रस्तुतियां दी।

गुलाबबाग : अर्जुनसिंहजी
गुलाब बाग बावड़ी में स्थित सगसजी अर्जुनसिंहजी मंदिर में रात को भजन-कीर्तन हुए। मंदिर में पूजा-हवन के साथ ही विशेष धार्मिक आयोजन हुए। दिनभर भक्तों की खासी भीड़ रही।

कंवरपदा स्कूल : बख्तावरसिंहजी
कंपरपदा स्कूल स्थित बख्तावरसिंह जी कारोही के स्थानक पर दिनभर विशेष आयोजन हुए। यहां गुरुवार को रात्रि जागरण हुआ। इस दौरान भजन संध्या भी हुई। इसमें भक्त भजनों पर जमकर झूमें। सुबह पांच बजे महाआरती हुई। दस बजे से हवन अनुष्ठान शुरू हुआ। इसमें कारोही परिवार के रघुरामसिंह राणावत और शक्तिसिंह कारोही सहित अन्य श्रद्धालुओं ने ने आहुतियां दी। बावजी को जन्मोत्सव पर तीन क्विंटल प्रसाद का भोग धराया गया।

महासतिया स्थित सगसजी
आयड़ महासतिया स्थित सगसजी स्थानक पर सुबह से हवन हनुष्ठान हुए। यहां दिनभर धार्मिक आयोजन हुए। बावजी को विशेष शृंगार धराया गया। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। शाम को भक्तों ने कतारों में लगकर दर्शन किए।

शृंगार ने मोहा
सगसजी के स्थानकों पर सगसजी बावजी का शानदार शाही शृंगार किया गया। बावजी को स्वर्ण-रजत बरक, स्वर्ण-रजत डंक, मोठड़ा, इमली, चन्द्रमा, रत्न जडित कंठला, बादला, छत्र, चंवर, तलवार, ढाल सहित विभिन्न वस्त्र और आभूषण धराकर सुंदर शृंगार किया गया। बावजी के सम्मुख पहुंचने पर भक्त उन्हें काफी देर तक निहारते रहे। सर्वऋतु विलास स्थित सगसजी बावजी को हाथी पर विराजित शाही सवारी का स्वर्ण और रजत शृंगार धराया गया। कुम्हारों का भट्टा स्थित मंदिर पर बावजी को शेषनाग का शृंगार धराया गया।

रह-रहकर लगी कतारें
सभी मंदिरों पर शाम को रह-रहकर कतारें लगती रही। सर्वऋतु विलास स्थित सगसजी मंदिर में दोपहर में बारिश बंद होने के साथ ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम तेज हो गया। यहां रह-रहकर भक्तों की कतारें लगने लगी। श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते कतार सूरजपोल तक पहुंच गई।