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उदयपुर में दाता के दर श्रद्धालुओं का रैला, सगसजी बावजी का जन्‍मोत्‍सव यूं मनाया धूमधाम से, देखेें तस्‍वीरें..

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sagasji janmotsava

मेवाड़ के जन-जन की आस्था के केंद्र लोकदेवता सगसजी का जन्मोत्सव शुक्रवार को मनाया गया। मंदिरों पर रह-रहकर दिनभर कतारें लगती रही। पूजा-हवन के साथ ही शाम को भजन संध्याओं का आयोजन हुआ।

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शहर के सर्वऋतु विलास, कंवरपदा, कुम्हारों का भट्टा, गुलाबबाग, मामाजी की हवेली, पिछोली, करजाली हाउस, वारियों की घाटी, उदियापोल, महासतिया, वारियों की पोल, जोगपोल सहित अन्य सगसजी के स्थानकों पर विशेष धार्मिक आयोजन हुए। इन स्थानकों पर सुबह से श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ रही।

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सर्वऋतु विलास स्थित सगसजी मंदिर पर सुबह सात बजे से जन्मोत्सव के दर्शन शुरू हुए। जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में बावजी को अलसुबह ही विशेष शृंगार धराया गया। सुबह 9.30 बजे ध्वजारोहण, शृंगार एवं भोग आरती हुई।

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मंदिर पर दोपहर में महिला श्रद्धालुओं के दर्शनों की विशेष व्यवस्था की गई थी। मंदिर शाम को पुरुष एवं महिलाओं के क्रमवार दर्शनों की व्यवस्था की गई।

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कुम्हारों का भट्टा स्थित भीमसिंहजी सगसजी बावजी मंदिर में सुबह 8.15 बजे चौकी हुई। शाम को 7.15 बजे आरती हुई। मंदिर में श्रीकृष्ण, श्रीनाथजी, शिवजी आदि की सुंदर झांकियां लगाई गई। दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त सुबह से शाम तक मंदिर पहुंचे। शाम को मंदिर में दर्शन करने वालों की कतारें लगी। रात को हर एक सांस दाता के नाम भजन संध्या में जोधपुर के बाबा माेेेइनुद्दीन मनचला एंड पार्टी ने भजनों की प्रस्तुतियां दी।

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सर्वऋतु विलास सगसजी मंदिर में रात को भजन संध्या हुई। इसमें भजन गायक महेन्द्र अलबेला-कोटा, ज्योति प्रजापति-बारा, रूपाली-जबलपुर, आशु बृजवासी आदि ने भजनों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी। इस दौरान दर्शन के लिए कतार में खड़े भक्तों सहित अन्य श्रद्धालुओं ने भजनों का भरपूर आनंद लिया।

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कंवरपदा स्कूल स्थित बख्तावरसिंह जी कारोही के स्थानक पर दिनभर विशेष आयोजन हुए। यहां गुरुवार को रात्रि जागरण हुआ। इस दौरान भजन संध्या भी हुई। इसमें भक्त भजनों पर जमकर झूमें। सुबह पांच बजे महाआरती हुई। दस बजे से हवन अनुष्ठान शुरू हुआ। इसमें कारोही परिवार के रघुरामसिंह राणावत और शक्तिसिंह कारोही सहित अन्य श्रद्धालुओं ने ने आहुतियां दी। बावजी को जन्मोत्सव पर तीन क्विंटल प्रसाद का भोग धराया गया।