
सलूंबर. स्टेट बैंकों के एसबीआई में विलय के बाद सलूंबर में एसबीआई की एक शाखा बंद होने से नोटबंदी के बाद से भी अधिक परेशानी शुरू हो गई है । तीन माह पहले तक सलूंबर में दो शाखाएं थीं तब तक कार्य सुचारु चल रहा था। दोनों शाखाओं में हजारों खाताधारक थे। इसके बाद एसबीबीजे का एसबीआई में विलय हो गया। दोनों शाखाओं के कार्यालय के मध्य की दूरी कम होने से एसबीआई ने मूल ब्रांच को हटाने का आदेश जारी कर दिया, जिससे समस्त खाताधारकों को अब एक ही बैंक से लेन-देन करना पड़ रहा है। बैंक परिसर में दिनभर भीड़ रहती है। कई बार बैंकों के बाहर भी कतार नजर आती है।
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इससे पेंशनर और बुजुर्गों को काफी दिक्कत होती है। वर्तमान में कुल 70 हजार खाता धारक है। 3 दिनों से बैंक का सर्वर बंद होने से परेशानी और बढ़ गई है। सर्वर डाउन होने से तीन दिन में डेढ़ करोड़ का लेनदेन अटका हुआ है। इससे उपभोक्ता परेशान हैं। इसके साथ ही स्टाफ की कमी से भी दिक्कत हो रही है। इस कारण उपभोक्ता बैंक के चक्कर लगाने पर मजबूर हैं।
उपभोक्ता बोले
दोनों बैंक एक होने के बाद भीड़ बढ़ी है। बैंक परिसर काफी छोटा होने से ज्यादा समस्या हो रही है।
पंकज कुमार सोनी, सलूम्बर
सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीणों को हो रही है। उपभोक्ताओं की कतार लगने से इंतजार करना पड़ता है। बैंक परिसर का विस्तार करना जरूरी है।
प्रवीण डांगी, खेराड़
सरवर खराब होने की जानकारी है। शीघ्र ही दुरुस्त करवाएंगे। उच्चाधिकारियों से बातकर उपभोक्ताओं की समस्या निराकरण का प्रयास करेंगे
आर.पी. गुप्ता, एजीएम, एसबीआई
Published on:
20 Sept 2017 07:47 pm

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