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OMG!! निजी व सरकारी स्कूल के प्रश्न पत्र समान, बाजार से खरीदे थे प्रश्न पत्र, शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में

भीण्डर. प्रदेश में परीक्षाओं के पेपर लीेक होने के मामलों के बीच एक नया सनसनीखेज मामला सामने आया है।

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same exam paper in private and govt school udaipur

भीण्डर. प्रदेश में परीक्षाओं के पेपर लीेक होने के मामलों के बीच एक नया सनसनीखेज मामला सामने आया है। इसमें एक निजी व सरकारी विद्यालय के प्रश्नपत्र समान पाए गए। यही नहीं निजी विद्यालय के बच्चे सरकारी विद्यालय में पढऩे वाले मित्रों से उनका पर्चा लाए और उसके आधार पर इम्तिहान दिया। जब दोनों प्रश्न पत्रों का मिलान किया तो समान पाए गए। इससे शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। बता दें कि प्रारम्भिक शिक्षा की कक्षा 6 व 7 वीं परीक्षाएं सरकारी स्कूलों में 23 अप्रेल को वहीं एक निजी स्कूल में 25 अप्रेल को समाप्त हुई। निजी स्कूल के बच्चों ने सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों से पेपर लेकर पर्चा दिया। जिन दोनों विद्यालयों का मामला उजागर हुआ वहां के शिक्षकों ने बाजार से प्रश्न पत्र खरीदे, जिससे दोनों प्रश्न पत्र समान मिल गए।

प्रारम्भिक परीक्षा के यह हैं नियम
प्रारम्भिक शिक्षा की वार्षिक परीक्षा को लेकर विभाग के निर्देश है कि विद्यालय परीक्षा का टाइम टेबल व प्रश्न पत्र अपने स्तर पर ही बना कर परीक्षा कराएं। इसे लेकर भीण्डर ब्लॉक के समस्त सरकारी विद्यालयों का एक टाइम टेबल बनाकर परीक्षा आयोजित कर रहे हैं। वहीं निजी विद्यालय माध्यमिक शिक्षा के आदेश के अनुसार टाइम टेबल लागू कर परीक्षा करवा रहा है।

पेपर बाजार से खरीदने के कारण गड़बड़झाला
विद्यालयों को अपने स्तर पर प्रश्न पत्र तैयार करने थे, लेकिन क्षेत्र के अधिकांश विद्यालय बाजार से प्रश्न पत्र खरीद करके परीक्षा आयोजित कर रहे हंै। इसके चलते ही राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय जेतपुरा व निजी विद्यालय राणा प्रताप स्कूल ने एक जगह से ही प्रश्न पत्र लिए जिससे उनके प्रश्न पत्र समान हो गए। लेकिन टाइम टेबल समान नहीं होने से बच्चे इसका फायदा उठा रहे थे।

सरकारी व निजी विद्यालय में एक जैसे पेपर

भीण्डर निवासी संजय यादव ने बताया कि मेरा छोटा भाई गौरव यादव नगर के राणा प्रताप उच्च माध्यमिक विद्यालय में छठी कक्षा में पढ़ता है। यहां पर 13 अप्रेल से वार्षिक परीक्षा शुरू हुई। एक-दो पेपर के बाद मेरा भाई अपने एक दोस्त से अगले दिन होने वाले पेपर से पहले शाम को पेपर ला रहा था।

इसको लेकर अगले दिन जब उसकी परीक्षा का पेपर देखा तो दोनों पेपर एक समान थे। इस पर संदेह हुआ तो विद्यालय जाकर पता किया तो विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि हमारे यहां पर पेपर बीईओ कार्यालय से आते हैं। सरकारी विद्यालय वाले पहले पेपर करवा रहे होंगे। इसके बाद जिस बच्चे ने पेपर दिया उसके विद्यालय राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय जेतपुरा जाकर भी जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि हमने तो नियमों के तहत ही परीक्षा करवाई है।

हमारे विद्यालय में पेपर बनाकर बाजार से प्रिंट करवाए गए थे। परीक्षा भीण्डर ब्लॉक में लागू टाइम टेबल के अनुसार ही करवाई गई। एक जैसे प्रश्न पत्र के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। हमने तो पेपर बनाकर प्रिंट करवाया है।
मनोज मुणेत, प्रधानाध्यापक, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय जेतपुरा

हमने तो पेपर बाजार से ही खरीदे हैं और ऐसा पूरे प्रदेश में हो रहा है। अब पहले पेपर किसने करवाया और किसने लीक किया यह जांच का विषय है। हमने तो टाइम टेबल के अनुसार ही परीक्षा करवाई है और पेपर खोले हैं।
गोविन्द सिंह, परीक्षा प्रभारी, राणा प्रताप उच्च माध्यमिक विद्यालय भीण्डर

हमारे विद्यालय में टाइम टेबल के अनुसार ही पेपर हुए हैं। पेपर बनाने के लिए विद्यालयों का गु्रप बनता है। अब किसी एक विद्यालय ने पहले पेपर करवा कर लीक कर दिया तो हमारी गलती नहीं है। अगली बार से हम अपने पेपर विद्यालय स्तर पर ही बनाएंगे।

- लक्ष्मीकांत शर्मा, प्रधानाध्यापक राणा प्रताप उच्च माध्यमिक विद्यालय, भीण्डर

विद्यालयों में अपने स्तर पर पेपर बनाने होते हैं। लेकिन ऐसा मामला हुआ है तो गलत है। बच्चों के मूल्यांकन के लिए सही ढ़ंग से पेपर तैयार करके परीक्षा करवानी चाहिए। मामले को दिखवाया जाएगा।
- फूलचंद मीणा, बीईईओ, भीण्डर