
उदयपुर . वो दिन अब लदने लगे हैं, जब हर कोई महंगी शादियों को अपना स्टेट्स मानता था। बड़े से बड़ा परिवार भी अब सादगी का सूत्र अपनाने लगे हैं। सरकार की सामूहिक विवाह योजना में अनुदान भले ही कम हो, लेकिन इसका असर नजर आने लगा है।
गत दो वर्ष में प्रदेश में कुल 760 सामूहिक विवाह सम्मेलन हुए, जिसमें हजारों जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। सिरोही में सर्वाधिक 98, हाड़ौती अंचल के बारां में 97 और कोटा में 84 सामूहिक विवाह सम्मेलन हुए।
ऐसे मिल रहा है प्रोत्साहन
प्रदेश में सामूहिक विवाह समारोह को प्रोत्साहन के लिए सरकार की ओर से आर्थिक अनुदान दिया जाता है।
राजस्थान सामूहिक विवाह एवं अनुदान नियम 2017 के प्रावधानों की पालना करने पर सामूहिक विवाह अनुदान योजना के तहत प्रति जोड़ा 18,000 रुपए का अनुदान दिया जाता है। इसमें से नवविवाहिता को 15,000 रुपए व संस्था को विवाह आयोजन के रूप में 3000 रुपए प्रति जोड़ा मिलता है।
उदयपुर-17
अजमेर-34
भरतपुर-25
जयपुर-76
जोधपुर-19
कोटा-84
संभाग में प्रतापगढ़ सबसे ऊपर
राजसमंद 01
डूंगरपुर 01
बांसवाड़ा 07ववा
प्रतापगढ़ 85
प्रतापगढ़ 85
उदयपुर 17
चित्तौडगढ़़ 14 की यह है स्थिति
समय-समय पर समाजों के प्रतिनिधियों को इसकी जानकारी दी जाती है। जो आवेदन आते हैं, उन्हें समय रहते निस्तारित कर राशि दी जाती है। आदिवासी समाज में ऐसे आयोजन कम होते हैं।
उदयपुर में राजपूत और कलाल समाज की ओर से ऐसे सम्मेलन होते हैं। खास बात यह है कि विवाह सम्मेलन की सूचना 15 दिन पहले कलक्ट्रेट को देनी होती है। जोड़ों का विवाह पंजीयन अनिवार्य है। यह जरूरी है कि जोड़े राजस्थान के निवासी हों।
-रश्मि कौशिक, सहायक निदेशक, महिला आधिकारिता विभाग, उदयपुर
Published on:
02 Apr 2018 03:29 pm
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