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बम-बम भोले से गूंज उठा उभयेश्वर महादेव, 5 पवित्र जल से किया अभिषेक

गंगु कुंड से उभयेश्वर तक 21 किमी. कावड़ यात्रा सांकेतिक रूप से निकाली, रास्ते में गंगा के पवित्र जल की पूजा-अर्चना

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उदयपुर. शिव महोत्सव समिति की ओर से गंगु कुंड से उभयेश्वर महादेव तक निकाले जानी वाली कावड़ यात्रा इस बार कोरोना महामारी के कारण सांकेतिक तौर पर निकाली गई। ये 16वीं कावड़ यात्रा थी। यात्रा के तहत शुक्रवार को गंगु कुंड पर भगवान गणेश, हनुमानजी, माताजी, महादेव व तांबे के कलश में 5 पवित्र जल की पूजा-अर्चना कर सांकेतिक कावड़ यात्रा रवाना हुई। अध्यक्ष यज्ञ नारायण शर्मा ने बताया कि गंगु कुंड पर बड़ी संख्या में महिला, पुरूषों ने पवित्र जल की पूजा-अर्चना की। ताम्बे के बड़े घड़े को खुली जीप में आगे बांध कर रखा गया। जीप के आगे दो पहिया व चार पहिया वाहनों में समिति के कार्यकर्ता महादेव के जयकारे लगाते जा रहे थे।

कावड़ यात्रा सुबह 8:30 बजे गंगु कुंड से रवाना होकर आयड़, अशोक नगर, कोर्ट चौराहा, चेतक, शिक्षा भवन, आयुर्वेद चौराहा, दुधिया गणेश जी, रामपुरा, गोरेल्ला, मोरवानिया होते हुए 21 किलोमीटर का सफर तय कर उभयेवर महादेव पहुंची और 5 पवित्र जल गंगा, वर्षा जल, रामेश्वर , नर्मदा व क्षिप्रा के जल से 11 पंडितों के मंत्रोच्चारण के साथ उभयेश्वर महादेव का अभिषेक किया। इस दौरान बम-बम भोले और जय महादेव के जयकारों से पूरा उभयेश्वर गूंज उठा।
वर्ष 2006 से निकाली जा रही यात्रा

शिव महोत्सव समिति के अध्यक्ष यज्ञ नारायण शर्मा ने बताया कि देश में अमन-चैन, सुख, शांति व अच्छी वर्षा की कामना को लेकर वर्ष 2006 में 55 कार्यकर्ताओं के साथ उदयपुर से उभयेश्वर महादेव तक की 21 किलोमीटर तक की कावड़ शुरू की गई थी। 2019 में 7 हजार कावडिय़ों ने गंगा के पवित्र जल से महादेव का अभिषेक किया था। 2020 व 2021 में वैश्विक महामारी कोरोना को ध्यान में रखते हुए सांकेतिक यात्रा निकाली गई। इस दौरान रामकृपा शर्मा, बजरंग सेना के कमलेन्द्र सिंह पंवार, गिरीश शर्मा, घनश्याम सिंह सोलंकी, महेश भावसार, कृष्णकांत कुमावत आदि का सहयोग रहा।