26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

#saveayad सात दिन में आयड़ के कब्जे चिह्नित करेगी छह टीमें, video

यूआईटी, नगर निगम व राजस्व विभाग की टीमों ने शुरू किया काम, जिला कलक्टर ने निकाले आदेश
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

उदयपुर

•

image

Mukesh Hingar

•

Updated: 13 Oct 2017, 4:34 PM IST

save ayad

उदयपुर . आयड़ नदी के बहाव क्षेत्र में साफ-सफाई अभियान के बाद अब नदी क्षेत्र में जो अतिक्रमण हुए है, उनको सात दिन में चिह्नित किया जाएगा। इसके लिए जिला कलक्टर ने यूआईटी, नगर निगम व राजस्व विभाग की छह टीमें बनाई है और उनको क्षेत्र बांट दिया। आयड़ नदी के बहाव मार्ग, नदी की सीमा, आसपास की सरकारी भूमि पर जो भी अवैध कब्जे हुए हैं, उनको चिह्नित करने के साथ ही उनकी पूरी रिपोर्ट तय प्रारूप में तैयार की जाएगी। जिला कलक्टर बिष्णुचरण मल्लिक के आदेश में छह टीमों को अलग-अलग जोन से जिम्मेदारियां दी है। इन टीम के कामकाज की निगरानी नगर निगम आयुक्त सिद्धार्थ सिहाग व यूआईटी सचिव रामनिवास मेहता करेंगे। उल्लेखनीय है कि आयड़ की साफ-सफाई के बाद इसके पेटे में हुए अतिक्रमणों की तस्वीर भी सामने आने लगी।

कब्जे हटाएंगे तब भी रहेगी मौजूद

आयड़ में अतिक्रमण चिह्नित होने के बाद ये टीम कलक्टर को रिपोर्ट देगी लेकिन कलक्टर ने आदेश में स्पष्ट किया है कि आगे जब भी आयड़ नदी सीमा में अतिक्रमण हटाएं जाएंगे तब ये टीम मौके पर आवश्यक रूप से मौजूद रहेंगी।
---

लोग स्वयं हटा लें, बचेगा कोई नहीं
हाईकोर्ट व सरकार के आदेशों के तहत आयड़ से अतिक्रमण हटाने में किसी को बक्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने अपील की है कि प्रशासन अपना काम करेगा लेकिन लोग आगे बढकऱ नदी में आ रहे कब्जे हटा लेंगे तो वे नुकसान से बच जाएंगे।

--
पहले भी चिह्नित किए थे कब्जे

आयड़ नदी में 173 कब्जे पहले चिह्नित किए थे, जिसमें से कुछ हटाए गए और कुछ नए हो गए। ऐसे में अब पूरी नई रिपोर्ट तैयार की जा रही है ताकि आयड़ को पूरी तरह कब्जा मुक्त किया जा सके।

READ MORE: उदयपुर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर नगर निगम ने दी ये चेतावनी, देखें वीडियो

कब्जे पर सजा का प्रावधान
जानकारों के अनुसार अब्दुल रहमान बनाम राज्य सरकार के आदेश में बहाव क्षेत्र में कोई रुकावट पैदा नहीं कर सकता है, इसमें सजा के प्रावधान है। नदी में तो किसी सूरत में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं हो सकता है, बहाव को कोई रोक नहीं सकता है। हाईकोर्ट के ये सख्त आदेश समय-समय पर आए हैं।

--
चिह्निकरण के के लिए ऐसे बनाई टीमें

कार्य क्षेत्र.... टीम प्रभारी.... टीम में सहयोगी
बेदला पुलिया से नवरत्न पुलिया तक.... बडग़ांव तहसीलदार.... 06

नवरत्न पुलिया से पूलां पुरानी पुलिया .... बडग़ांव तहसीलदार.... 06
पूलां पुलिया से अलीपुरा-कृष्णपुरा रपट.... बडग़ांव तहसीलदार.... 05

कृष्णपुरा रपट से पीसीएस पुलिया तक .... गिर्वा तहसीलदार.... 06
सीपीएस पुलिया से आयड़ पुलिया.... यूआईटी तहसीलदार .... 06

आयड़ पुलिया से सेवाश्रम व पंचवटी से गुमानिया .... निगम राजस्व अधिकारी .... 07