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साइबर क्राइम से निपटने में राजस्थान का ये थाना है टॉप

डेढ़ साल में 50 लाख रुपए किए रिकवर, साढ़े 600 फर्जी अकाउंट पर कसी नकेल

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साइबर क्राइम से निपटने में राजस्थान का ये थाना है टॉप

साइबर क्राइम से निपटने में राजस्थान का ये थाना है टॉप

डिजिटलाइजेशन बढऩे के साथ ही साइबर क्राइम भी तेजी से बढ़ा है। इससे निपटने में उदयपुर शहर का सविना थाना प्रदेश में अव्वल है। यहां बीते डेढ़ साल में 50 लाख रुपए ऐसे रिकवर किए गए, जो साइबर ठगों की ओर से आमजन के खातों से निकाले गए थे। इसके अलावा 345 फेक फेसबुक अकाउंट, 201 फेक इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट करवाए गए, जिनके माध्यम से क्राइम किया जा रहा था। इसी तरह से आमजन के हैक हो चुके 105 फेसबुक व इंस्टाग्राम अकांउट रिकवर भी किए गए।

एसपी विकास शर्मा ने साइबर अपराधों पर रोकथाम और ऑनलाइन ठगी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए। इस पर सविना थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बेहतर परिणाम हासिल किए। थानाधिकारी योगेन्द्र व्यास ने बताया कि टीम ने तीन माह में साइबर ठगी में गए 4 लाख 15 हजार रुपए रिकवर किए। टीम ने संबंधित कम्पनियों और बैंकों से पत्राचार किया। नोडल अधिकारियों से सम्पर्क कर ठगों के खाते फ्रीज करवाए। रिकवरी में साइबर एक्सपर्ट कांस्टेबल राजकुमार जाखड़ की अहम भूमिका रही।

प्रमुख केस, जिनमें राशि रिकवर

- वर्मा कॉलोनी निवासी रतनलाल जाट ने आरएमजीबी बैंक में ऑनलाइन किस्त भरने के लिए गूगल से नंबर सर्च किए थे। नम्बर सही मानकर डिटेल दे दी। खाते से 64 हजार रुपए निकल गए थे।

- सेक्टर-14 निवासी अंजलि के पास इंस्टाग्राम पर मैसेज मिला। परिचित की इंस्टाग्राम आइडी हैक करके रुपए की मांग की, जिस पर अंजलि ने 40 हजार रुपए बताए गए अकाउंट में डाल दिए थे।

- सवीना सेक्टर-9 निवासी महेश कुमार ने किस्त ऑनलाइन भरने के लिए गूगल से नम्बर सर्च किए। रिप्लाई कॉल करने वाले ने बैंक डिटेल पूछी। कुछ ही देर में खाते से 32 हजार रुपए निकाल गए।

- सेक्टर-11 निवासी अनिल कुमार ने इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देखा, जिसमें राशि डबल करके देने का लालच दे रखा था। अनिल ने 1 लाख 84 हजार रुपए डाल दिए, जिससे बड़ी ठगी हो गई।

- एकलिंगपुरा निवासी सोनू मोहम्मद शेख के पास एप से लोन लेने को लेकर लिंक आया। प्रार्थी ने एप डाउनलोड किया और बैंक डिटेल डाल दी। उसके बैंक खाते से 95 हजार रुपए निकल गए।