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सेल्फ स्टड़ी की और ऐसे बन गए आईएएस

सफलता का चिराग : यदि मन पॉजिटिव तो हर मुकाम पाना आसान

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सेल्फ स्टड़ी की और ऐसे बन गए आईएएस

सेल्फ स्टड़ी की और ऐसे बन गए आईएएस

यूपीएससी में 312 वीें रेंक पर आए चिराग मेहता की पत्रिका से विशेष बातचीत

यूपीएससी सिविल सर्विसेज फाइनल की परीक्षा में उदयपुर के चिराग मेहता ने देश भर में 312 वी रेंक हासिल की है। दोपहर करीब 1 बजे संघ लोक सेवा आयोग का परीक्षा परिणाम घोषित हुआ। भारतीय प्रशासनिक सेवा में सफल हुए उदयपुर के बेटे चिराग ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि यदि मन पॉजिटिव है तो किसी भी मुकाम को मेहनत व सतत अभ्यास से पाया जा सकता है। चिराग ने अपने चौथे प्रयास में ये सफलता प्राप्त की है, इससे पहले तीन बार वह आईएएस प्री से आगे नहीं बढे़ थे, लेकिन इस बार उन्होंने तय कर लिया था कि कामयाब होकर ही मानेंगे।10 से 12 घंटा नियमित अध्ययन

चिराग ने बताया कि वह रोजाना 10 से 12 घंटा पढ़ाई करते थे। उन्होंने करंट अफेयर से लेकर अपने विषय पर पूरा फोकस किया था। प्री निकलने के बाद उन्होंने साक्षात्कार की तैयारी की। जयपुर के एक कोचिंग संस्थान से जुडे़ और बाद में सेल्फ स्टडी की।चिराग बचपन से ही मेधावी है, उन्होंने 12 वीं तक की पढ़ाई केन्द्रीय विद्यालय प्रतापनगर से की है, दसवीं में 10 सीजीपीए, 12 वीं में 95 व स्नातक में 96.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। एनआईटी जयपुर से बीटेक कर वहां स्वर्ण पदक हासिल किया।

पिता दिलीप कुमार मेहता- शिक्षक हैं, मां- गिरिजा मेहता- गृहणी, उनकी बहन पूजा द्वितीय श्रेणी शिक्षक की तैयारी कर रही है। वर्तमान में वह पीडब्ल्यूडी उदयपुर में असिस्टेंट इंजीनियर हैं। दादा जगन्नाथ मेहता व दादी स्नेहलता मेहता भी चिराग की सफलता को लेकर बेहद खुश हैं और उससे मिलने पहुंचे।

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