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ओडिसी, कुचिपुड़ी और कथक नृत्य से कला प्रेमी मंत्रमुग्ध

दस दिवसीय शिल्पग्राम उत्सव के दौरान शनिवार शाम मुक्ताकाशी मंच पर कुचिपुड़ी नृत्य के अंतर्गत ‘शित तरंगम’ की प्रस्तुति हुई।
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उदयपुर। दस दिवसीय शिल्पग्राम उत्सव के दौरान शनिवार शाम मुक्ताकाशी मंच पर कुचिपुड़ी नृत्य के अंतर्गत ‘शित तरंगम’ की प्रस्तुति हुई। आंध्र प्रदेश के इस डांस में जब कुचिपुड़ी नृत्य के विश्व प्रसिद्ध गुरु वी. जयराम राव ने प्रस्तुति दी तो तालियों की गड़गड़ाहट से समूचा शिल्पग्राम गूंज उठा। राव पद्मश्री और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित हैं।

इसके साथ ही कुचिपुड़ी नर्तकों-नृत्यांगनाओं ने ‘जाति स्वरम’ की प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, ओडिसी डांस ‘रास रंग’ में डांसर्स ने श्रीराधा-कृष्ण और गोपियों के कुंज वन के रास की जीवंत प्रस्तुति देकर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। कथक नृत्यांगना लखनऊ घराने की मालती श्याम एंड ग्रुप ने कथक की शानदार प्रस्तुति हुई।

इसके अलावा भी कई प्रस्तुतियां हुई। इससे पूर्व दिन में पर्यटकों ने खरीदारी और खाने-पीने का लुत्फ लिया। अंत में इन तीनों सिद्धहस्त डांसर्स के ग्रुप्स की संयुक्त प्रस्तुति ‘तराना’ ने शिल्पग्राम की शाम को शास्त्रीय बना दिया। तीनों अलग-अलग विधाओं के सुपर सम्मिलन ने हर कला प्रेमी का मन मोह लिया।